विदेश मंत्रालय के अनुसार, थाईलैंड के विदेश मंत्री मैरिस सांगियाम्पोंगसा भारत की अपनी यात्रा के दौरान दो नवंबर को अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय द्वारा साझा किए गए सांगियाम्पोंगसा के यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, सांगियाम्पोंगसा के बृहस्पतिवार देर रात यहां पहुंचने और तीन नवंबर को प्रस्थान करने की उम्मीद है।
आज दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की होगी मुलाकात
थाईलैंड के विदेश मंत्री का एक नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में कार्यक्रम हुए जबकि दो नवंबर को वह साउथ ब्लॉक में विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात करेंगे। भारतीय विदेश मंत्री द्वारा आयोजित दूसरे ‘बिम्सटेक’ विदेश मंत्रियों के कार्यक्रम के लिए सांगियाम्पोंगसा भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर 11-13 जुलाई तक नयी दिल्ली में थे। जयशंकर ने 12 जुलाई को सांगियाम्पोंगसा के साथ एक द्विपक्षीय बैठक की थी और उनके सम्मान में दोपहर भोज की मेजबानी की थी।
थाईलैंड भारत का प्रमुख भागीदार
बैठक के दौरान, दोनों मंत्रियों ने राजनीतिक आदान-प्रदान, रक्षा और सुरक्षा संबंधों, व्यापार और निवेश के अवसरों, संपर्क, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग, स्वास्थ्य सहयोग, संस्कृति और लोगों के बीच संवाद समेत साझेदारी के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा की थी। आसियान में थाईलैंड भारत का एक प्रमुख भागीदार है। भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति थाईलैंड की ‘एक्ट वेस्ट’ नीति के साथ मेल खाती है।
दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत
विदेश मंत्रालय ने पहले कहा था कि दोनों मंत्रियों ने आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और उप-क्षेत्रीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों पर घनिष्ठ सहयोग के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। आसियान में थाईलैंड भारत का एक प्रमुख भागीदार है। भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, जो 2024 में अपने 10वें वर्ष को चिह्नित करती है, थाईलैंड की ‘एक्ट वेस्ट’ नीति के साथ मेल खाती है। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारतीय विदेश मंत्री और थाई विदेश मंत्री के बीच बातचीत ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने में योगदान दिया है।
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