Supreme Court : एसआईआर और मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कड़ा रुख अपनाया है। सर्वोच्च अदालत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
हालांकि, चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान याचिका में शामिल 13 याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण पर सख्त आपत्ति जताई और अगली सुनवाई की तारीख पर उनके व्यवहार को लेकर स्पष्टीकरण मांगने की बात कही है।
याचिका में उठाए गए हैं संवैधानिक सवाल
गौरतलब है कि राहुल गांधी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव, एनसीपी (SP) नेता सुप्रिया सुले और शिवसेना (UBT) के संजय राउत समेत 11 प्रमुख विपक्षी नेताओं ने 12 अक्टूबर को यह रिट याचिका दायर की थी।
याचिका (W.P.(C) No. 001351/2026) में यह जांच करने की मांग की गई है कि क्या चुनाव आयोग द्वारा SIR से जुड़े फैसले संविधान के अनुच्छेद 324, चुनाव आयोग कानून 2023 और टी.एन. शेषन बनाम भारत सरकार मामले में आए फैसले के अनुरूप लिए गए थे या नहीं।
बिना नोटिस नाम न हटाने की मांग
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से गुहार लगाई है कि किसी भी नागरिक का नाम बिना उचित नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए मतदाता सूची से न हटाया जाए। इसके साथ ही, जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके कारणों और जनसांख्यिकीय विवरण के साथ बूथ-वार सूची सार्वजनिक करने की मांग की गई है। अब इस मामले में चुनाव आयोग के जवाब के बाद ही अगली सुनवाई में आगे का रुख साफ होगा।
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