‘PAK और आतंकवाद के बीच चोली-दामन का संबंध’, राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दिखाया आईना

Summary :

राजनाथ सिंह ने पाक को दी सख्त चेतावनी

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भुज में जवानों को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दी कि संघर्ष विराम तोड़ने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की सराहना की और IMF द्वारा पाकिस्तान को दी जा रही आर्थिक मदद पर सवाल उठाया, जो आतंकवादियों तक पहुँच सकती है।

Rajnath Singh on Pakistan: भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेता सेना का हौसला बढ़ाने के लिए अलग-अलग एयरबेस पर पहुंच रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी पहले पंजाब के आदमपुर एयरबेस गए थे, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह श्रीनगर और फिर गुजरात के भुज एयरबेस पहुंचे.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भुज में जवानों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अभी तो सिर्फ ट्रेलर दिखाया गया है. अगर फिर सीजफायर तोड़ा गया, तो अंजाम भुगतने को तैयार रहे. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने कमाल का प्रदर्शन किया है, जिससे भारत का सम्मान पूरी दुनिया में बढ़ा है.

IMF फंडिंग पर सवाल

इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा पाकिस्तान को दी जा रही आर्थिक मदद पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह पैसा आतंकवादियों तक पहुँच सकता है. क्या IMF अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवाद को समर्थन देना चाहता है? इस पर IMF को दोबारा सोचने की जरूरत है.

‘ऑपरेशन सिंदूर की सफलता’

इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वे वायुसेना के जवानों का सम्मान करने भुज आए हैं. उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय जवानों के बहादुरी भरे कार्यों की सराहना की और कहा कि इस मिशन ने देश का मान दुनिया में ऊंचा किया है. इस दौरान जो सैनिक या आम नागरिक शहीद हुए हैं, उन्हें उन्होंने श्रद्धांजलि दी. साथ ही घायल जवानों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की.

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भारतीय वायुसेना की ताकत का किया जिक्र

इस बीच राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि अब भारत की वायुसेना की ताकत इतनी बढ़ गई है कि वह बिना सीमा पार किए ही पाकिस्तान के किसी भी कोने तक हमला करने में सक्षम है. उन्होंने यह भी बताया कि कैसे ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया और बाद में कुछ एयरबेस भी तबाह कर दिए गए. उन्होंने यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को “नए भारत” का प्रतीक बताया.

आतंकवाद-पाकिस्तान का चोली दामन का संबंध

इस बीच रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान में आतंकवाद और वहां की सरकार का चोली-दामन का संबंध है. इस परिस्थिति में यदि वहां परमाणु अस्त्र और अटॉमिक वेपन रहते हैं तो इस बात की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है कि कभी वह आतंकवादी तत्वों के हाथों में चले जाएं।

यह केवल भारत के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए और पाकिस्तान की आम जनता के लिए भी एक गंभीर खतरे की बात होगी। सारे विश्व और खासकर पाकिस्तान की आवाम को यह समझना होगा कि वह कितने बड़ खतरे के मुहाने पर बैठे हैं. इस हालात के लिए पाकिस्तान की फौज को यह संदेश देना चाहूंगा, ‘कागज का है लिबाज, चिरागों का शहर है, चलना संभल-संभल कर क्योंकि तुम नशे में हो’.

राजनाथ सिंह का श्रीनगर और भुज दौरा

राजनाथ सिंह पहले श्रीनगर गए थे और उसके बाद भुज एयरबेस पहुंचे, जहां उन्होंने वायुसेना के अधिकारियों और सैनिकों से मुलाकात की. यह दौरा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद उनका पहला दौरा था. उन्होंने इस दौरे की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की.

वहीं, गुजरात, जो पाकिस्तान के साथ 508 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है, वहां भी हाल ही में पाकिस्तानी सेना ने ड्रोन से हमला करने की कोशिश की थी. भुज एयरबेस भी इस टारगेट में शामिल था, लेकिन भारतीय सुरक्षा प्रणाली ने इन हमलों को नाकाम कर दिया.

आतंकवादियों को दिया गया सख्त संदेश

श्रीनगर में सैनिकों से बातचीत करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह साबित कर दिया है कि पाकिस्तान में छिपे आतंकवादी और उनके मददगार अब कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने कहा कि भारत की सेनाएं बेहद सटीक निशाना साधने में सक्षम हैं और अब दुश्मनों की गिनती ही बाकी है.

प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के दौरे का महत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हालिया दौरे यह दिखाने के लिए खास हैं कि पाकिस्तान के हमलों से भारत के एयरबेसों को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है. पाकिस्तानी सेना ने यह दावा किया था कि आदमपुर, श्रीनगर और भुज एयरबेस को नुकसान पहुंचा है, लेकिन इन दौरे से यह साफ हो गया कि ये सभी स्थान सुरक्षित हैं.

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।