देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन ‘‘ट्रेन 18’’ का निर्माण कार्य बंद होने की खबरों के बीच शिवसेना के एक सदस्य ने राज्यसभा में गुरुवार को जानना चाहा कि क्या सचमुच यह परियोजना बंद हो गई है और क्या मेक इन इंडिया के इस सर्वाधिक सफल प्रयोग और भारतीय रेलवे की इस परिवर्तनकारी योजना के बाधित होने के पीछे कहीं कोई षडयंत्र तो नहीं है ?
शिवसेना के संजय राउत ने उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘स्टार्ट अप’ और ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत सेमी हाई स्पीड ट्रेन का निर्माण चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में हो रहा है। उन्होंने कहा ‘‘पहली ‘ट्रेन 18’ को वंदे भारत एक्सप्रेस के नाम से हाल ही में प्रधानमंत्री ने नयी दिल्ली-वाराणसी मार्ग पर हरी झंडी दिखाई थी। भारतीय रेलवे की योजना मार्च 2020 तक ऐसी दस और ट्रेन चलाने की है।’’

राउत ने कहा ‘‘लेकिन कहा जा रहा है कि फिलहाल ट्रेन 18 का उत्पादन बंद पड़ा है। अलग अलग बातें सुनने में आ रही हैं कि इसके डिजाइन में खामी है, कुछ कलपुर्जे नहीं मिल रहे हैं, कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी इसकी निविदा प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास कर रही हैं…लेकिन सच क्या है, मालूम नहीं।’’
शिवसेना सदस्य ने कहा ‘‘ट्रेन 18 मेक इन इंडिया का सबसे सफल प्रयोग है। क्या इस परियोजना को असफल करने की कोशिश की जा रही है। क्या यह परियोजना बंद हो गई है? अगर बंद हुई तो क्यों?’’ उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि क्या मेक इन इंडिया के इस सर्वाधिक सफल प्रयोग और भारतीय रेलवे की इस परिवर्तनकारी योजना के बाधित होने के पीछे कहीं कोई षड्यंत्र तो नहीं है ?


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