झारखंड की कोल्हान यूनिवर्सिटी के बैंक खाते से 1 करोड़ 58 लाख 96 हजार 800 रुपये की अवैध निकासी के मामले में पुलिस ने दो बैंक कर्मियों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले की जांच के लिए पुलिस की ओर से गठित एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने गिरफ्तार किए गए लोगों से 14 लाख 80 हजार रुपये कैश के अलावा पांच मोबाइल फोन, एक डेबिट कार्ड और 73 बैंक चेक जब्त किए हैं। पुलिस ने यूनिवर्सिटी के अकाउंट से दूसरे के खातों में भेजी गई 93 लाख रुपये की राशि फ्रीज करवा दी है।
यूनिवर्सिटी के बैंक अकाउंट से रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर करने की जानकारी मिलने के बाद कुलसचिव परशुराम सिलायल ने 19 फरवरी को चाईबासा मुफस्सिल थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर में यह बताया गया है कि कुल सचिव और वित पदाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से यूनिवर्सिटी के बैंक अकाउंट से राशि निकाली गई है। 67 लाख 47 हजार रुपये की राशि राधा रानी एंटरप्राइजेज और 91 लाख 49 हजार रुपये की राशि रामगढ़ के साहू चिंता इंफ्रा इंटरप्राइजेज के खाते में गलत तरीके से भेजी गई थी।
इस मामले की जांच के लिए एसपी आशुतोष शेखर ने एसआईटी गठित की थी, जिसने टेक्निकल सेल की मदद से तहकीकात की तो यह बात सामने आई कि इसमें कुछ बैंककर्मियों की मिलीभगत है। जिन दो बैंककर्मियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया है, उनमें रांची के कडरू स्थित ईएसएएफ बैंक का असिस्टेंट मैनेजर संजय कुमार और चास (बोकारो) स्थित यस बैंक की कर्मी अमृता शर्मा शामिल हैं।
इनके अलावा बोकारो जिले के कसमार थाना क्षेत्र निवासी धनंजय कुमार प्रजापति को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, तीनों लोगों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस स्कैम में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी में एएसपी अभियान पारस राणा, ट्रेनी एएसपी सह मुफस्सिल थानेदार निखिल राय एवं एक अन्य अधिकारी शामिल हैं।


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