तिरंगा विवाद पर महबूबा के बचाव में उतरे उमर अब्दुल्ला, बोले- गलती से उल्टा पकड़ा होगा झंडा

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श्रीनगर, 5 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर में पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती से जुड़ा तिरंगा विवाद जोर पकड़ता जा रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मुद्दे पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती का बचाव किया है। बुधवार को मीडिया से बातचीत में उमर अबदुल्ला ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि किसी राज्य की मुख्यमंत्री रह चुकीं एक नेता जानबूझकर तिरंगे को उल्टा पकड़ेंगी। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ये गलती से अनजाने में हुआ होगा। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगा की स्टेट हेड जैसे पद पर रह चुका कोई नेता जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा…

श्रीनगर, 5 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर में पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती से जुड़ा तिरंगा विवाद जोर पकड़ता जा रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मुद्दे पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती का बचाव किया है। बुधवार को मीडिया से बातचीत में उमर अबदुल्ला ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि किसी राज्य की मुख्यमंत्री रह चुकीं एक नेता जानबूझकर तिरंगे को उल्टा पकड़ेंगी।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ये गलती से अनजाने में हुआ होगा। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगा की स्टेट हेड जैसे पद पर रह चुका कोई नेता जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा पकड़ेगा। इसलिए मुझे लगता है कि उनसे ये गलती अनजाने में हुई होगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 के खत्म किए जाने की सातवीं वर्षगांठ पर केंद्र सरकार पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सात साल बाद भी जम्मू-कश्मीर के लोगों के जख्म अभी हरे हैं। क्योंकि इतना लंबा समय बीतने के बाद भी जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्ज वापस नहीं मिला है।

वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हाल ही में खराब मौसम, विशेषकर कुछ क्षेत्रों में बादल फटने के कारण, जमीन और संपत्ति को काफी नुकसान हुआ है। हमारा पहला प्रयास लापता लोगों का पता लगाना और उन्हें बचाना था। उसके बाद, हमने राहत कार्य शुरू किया।

उन्होंने कहा कि अब हमारा ध्यान पुनर्वास और पुनर्निर्माण पर है। जिन लोगों के मकान तबाह हो गए हैं, उनको दोबारा से बसाने की योजना बनाई जा रही है। जिन लोगों के मकानों को नुकसान हुआ है, उनकी मदद करने की योजना बना रहे हैं। सरकारी इमारतों और बुनियादों ढांचों को हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठकर नए सिरे से पुनर्निमाण के काम किए जाएंगे।

बुधवार को जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने की 7वीं बरसी पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई। पुलिस और सीआरपीएफ को तैनात किया गया ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। यह कदम एहतियातन उठाया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक कुछ राजनीतिक दलों ने विरोध की अपील की थी, लेकिन घाटी में सुबह से ही सब कुछ सामान्य रहा। सरकारी दफ्तर, बैंक, स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय सामान्य रूप से खुले रहे।

–आईएएनएस

एमएस/पीएम

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