‘टीएमसी और उसका चुनाव चिन्ह ममता बनर्जी के नाम’, कुणाल घोष ने किया स्पष्ट

Summary :

कोलकाता, 16 सितंबर (आईएएनएस)। तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने बुधवार को कहा कि मैं यह जानने के लिए उत्सुक हूं कि क्या वह ‘तकिया’ गुट आगामी विधानसभा उपचुनाव ‘तकिया’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करके लड़ने का इरादा रखता है। ताजा जानकारी के अनुसार, सांसद और वकील कल्याण बनर्जी पूरे मामले को संभाल रहे हैं और वही इसकी विस्तृत जानकारी दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। कल्याण-दा इस लड़ाई का नेतृत्व कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने हमारी टीम को सभी सबूत और दस्तावेज पेश करने के लिए कल शाम 4 बजे के बाद…

कोलकाता, 16 सितंबर (आईएएनएस)। तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने बुधवार को कहा कि मैं यह जानने के लिए उत्सुक हूं कि क्या वह ‘तकिया’ गुट आगामी विधानसभा उपचुनाव ‘तकिया’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करके लड़ने का इरादा रखता है। ताजा जानकारी के अनुसार, सांसद और वकील कल्याण बनर्जी पूरे मामले को संभाल रहे हैं और वही इसकी विस्तृत जानकारी दे पाएंगे।

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। कल्याण-दा इस लड़ाई का नेतृत्व कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने हमारी टीम को सभी सबूत और दस्तावेज पेश करने के लिए कल शाम 4 बजे के बाद का समय दिया है। अगर ऐसा है, तो वे सबूतों के साथ जाएंगे और बैठक होगी। लेकिन तब तक स्क्रूटनी (जांच-पड़ताल) का समय निकल चुका होगा। स्क्रूटनी कल होनी है। अगर स्क्रूटनी की समय-सीमा निकल जाती है, तो कानून और स्थापित नियमों के अनुसार यथास्थिति बनी रहेगी। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का अधिकार ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के पास ही है। सुनवाई सिर्फ इस बारे में नहीं है कि किसने कौन सा पत्र सौंपा। अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। इसलिए, मौजूदा स्थिति को देखते हुए हमारी टीम की बैठक और चर्चा के बाद ही हम आगे बढ़ेंगे।

जांच-पड़ताल का समय बीत जाने के बाद क्या होगा? इसकी देखरेख कल्याण बनर्जी कर रहे हैं और वही इसकी पूरी जानकारी दे पाएंगे। कानूनी नजरिए से देखें तो और कल्याण-दा ही इस कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ा रहे हैं। यह साफ है कि चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘घास पर दो फूल’ वाला चुनाव चिह्न ममता बनर्जी का है और आगे भी उन्हीं का रहेगा। जांच-पड़ताल का समय बीत रहा है। हम इस बात पर कोई अंदाजा नहीं लगा रहे हैं कि भाजपा चुनाव आयोग पर दबाव डालकर क्या कर सकती है या क्या नहीं।

लेकिन एक बहुत सीधा सा सवाल है, अगर सब कुछ कानून के मुताबिक हुआ, तो ‘दो फूल’ वाला चुनाव चिह्न ममता बनर्जी के पास ही रहेगा। और चटन जैसे लोगों को चुनाव लड़ने के लिए ‘तकिया’ वाला चुनाव चिह्न इस्तेमाल करना पड़ेगा, उन्हें बस उस तकिए वाले चुनाव चिह्न को ही ‘चाटना’ पड़ेगा। वे चाहें तो भाजपा के पैरों में गिर सकते हैं और कितनी भी भाग-दौड़ कर सकते हैं, लेकिन कानूनी तौर पर, लाइन वहीं से शुरू होती है जहां ममता बनर्जी खड़ी होती हैं। बस एक ही बात जानने की उत्सुकता है, क्या वे सच में ‘तकिया’ वाले चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ेंगे? चटन को उस तकिए के साथ देखना वाकई दिलचस्प नजारा होगा।

–आईएएनएस

एमएस/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.