तालिबान शासन में विदेशी आतंकियों को पूरी छूट मिल रही, जिससे वह तेजी से फलफूल रहे हैं। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बात के कोई हालिया संकेत नहीं हैं कि तालिबान ने युद्धग्रस्त देश में विदेशी आतंकवादी लड़ाकों की गतिविधियों को सीमित करने के लिए कोई कदम उठाया हो।
Highlights
- तालिबान शासन में विदेशी आतंकियों को मिल रही पूरी छूट
- संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने जताई चिंता
- अफ्रीका के साहेल रीजन को लेकर चिंता
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस की ओर से रिपोर्ट में सदस्य देशों की चिंता भी व्यक्त की गई है कि तालिबान शासित अफगानिस्तान में आतंकवादी समूहों को हाल के इतिहास में किसी भी समय की तुलना में अधिक स्वतंत्रता प्राप्त है। विशेष रूप से खतरनाक आइएस आतंकवादी समूह की ताकत लगभग दोगुनी हो गई है। आइएस द्वारा उत्पन्न खतरे पर महासचिव की 14वीं रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान के सैन्य अभियान के बाद अफगानिस्तान में सुरक्षा परिदृश्य नाटकीय रूप से बदल गया।
अफ्रीका के साहेल रीजन को लेकर चिंता
वहीं, संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद विरोधी प्रमुख ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम अफ्रीका और साहेल में राजनीतिक अस्थिरता के बीच इस्लामिक स्टेट चरमपंथी समूह एक बढ़ता खतरा बन गया है और विदेशों में हमले का इरादा रखता है। व्लादिमीर वोरोन्कोव ने संयुक्त राष्ट्र के निष्कर्षों को दोहराया कि खतरे का मुकाबला करने में संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों द्वारा महत्वपूर्ण प्रगति के बावजूद, आइएस अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण खतरा बना हुआ है।


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