UPSC के नियमों में बड़ा बदलाव, अब सर्विस में रहते हुए बार-बार नहीं दे सकेंगे परीक्षा

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UPSC new rules 2026: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने सिविल सर्विसेज परीक्षा 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नोटिफिकेशन के साथ-साथ कैंडिडेट्स के लिए नियम भी बनाए गए हैं। नए नियमों के अनुसार, अगर कोई कैंडिडेट पहले से ही IAS या IFS पद पर काम कर रहा है, तो वह CSE 2026 परीक्षा में शामिल होने के लिए एलिजिबल नहीं होगा। UPSC Exam Rules: यूपीएससी के नए नियम समझें बता दें कि UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 की अधिसूचना जारी करते हुए पात्रता नियमों और अटेंप्ट से जुड़े प्रावधानों में अहम बदलाव किये गए हैं।…

UPSC new rules 2026: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने सिविल सर्विसेज परीक्षा 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नोटिफिकेशन के साथ-साथ कैंडिडेट्स के लिए नियम भी बनाए गए हैं। नए नियमों के अनुसार, अगर कोई कैंडिडेट पहले से ही IAS या IFS पद पर काम कर रहा है, तो वह CSE 2026 परीक्षा में शामिल होने के लिए एलिजिबल नहीं होगा।

UPSC Exam Rules: यूपीएससी के नए नियम समझें

बता दें कि UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 की अधिसूचना जारी करते हुए पात्रता नियमों और अटेंप्ट से जुड़े प्रावधानों में अहम बदलाव किये गए हैं। इस बार ख़ास तौर पर पहले से चयनित या भर्ती उम्मीदवारों के लिए साफ़-साफ़ दिशा निर्देश जोड़े गए हैं। IAS, आईपीएस और आईएफएस जैसी सेवाओं में पहले से कार्यरत उम्मीदवारों के दोबारा परीक्षा देने, सेवा बदलने और अटेंप्ट के उपयोग को लेकर नई शर्तें तय की गई हैं।

UPSC ने यह भी साफ़ कहा है कि कौन से उम्मीदवार आगे की परीक्षा में बैठ पाएंगे और किन्हें इससे वंचित रखा जाएगा। इस परीक्षा के माध्यम से IAS, IPS, IFS, IRS समेत कई ग्रुप A और B सेवाओं में भर्ती होगी। कुल 933 पदों पर भर्ती की जायेगी। इच्छुक अभ्यार्थी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए से 24 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं।

UPSC Civil Services Exam: किन लोगों पर लगी रोक?

UPSC के नए नियम के अनुसार, जो उम्मीदवार पहले के आधार पर IAS या IFS में भर्ती हो चुके हैं और सेवा में तैनात हैं, वो CSE 2026 में शामिल नहीं हो सकते हैं। अगर किसी कैंडिडेट को शुरुआती परीक्षा के बाद लेकिन मुख्य परीक्षा से पहले अपॉइंट किया जाता है, तो वे मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। इसी तरह, अगर मुख्य परीक्षा के बाद लेकिन फाइनल नतीजे घोषित होने से पहले अपॉइंटमेंट होता है, तो उन्हें नई परीक्षा के आधार पर सर्विस एलोकेशन नहीं मिलेगा।

IPS के लिए अलग और कड़े नियम

इस बार आईपीएस को लेकर नियमों को और स्पष्ट व सख्त कर दिया गया है। जो उम्मीदवार पहले से आईपीएस में चयनित या नियुक्त हैं, उन्हें CSE 2026 के परिणाम के आधार पर दोबारा आईपीएस कैडर नहीं दिया जाएगा। यानी ऐसे अभ्यर्थी फिर से आईपीएस सेवा चुनने के पात्र नहीं होंगे।

CSE 2027 में दोबारा परीक्षा देने का मौका

जो उम्मीदवार CSE 2026 के जरिए आईपीएस या किसी अन्य ग्रुप-A सेवा में चयनित होते हैं और 2027 में फिर से परीक्षा देना चाहते हैं, उन्हें अपने संबंधित विभाग से एक बार की प्रशिक्षण छूट लेनी होगी। वे फाउंडेशन कोर्स को टाल सकते हैं, लेकिन बिना अनुमति प्रशिक्षण छोड़ने पर उनका सेवा आवंटन रद्द कर दिया जाएगा।

‘एक बार का अवसर’ नियम

CSE 2025 या उससे पहले चयनित उम्मीदवारों को एक विशेष छूट दी गई है। ऐसे अभ्यर्थी बिना इस्तीफा दिए CSE 2026 या CSE 2027 में से किसी एक परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, CSE 2028 या उसके बाद परीक्षा देने के लिए उन्हें अपनी सेवा से इस्तीफा देना अनिवार्य होगा।

UPSC new rules 2026: क्या है UPSC?

  1. UPSC का पूरा नाम Union Public Service Commission है।
  2. यह भारत सरकार की एक संवैधानिक संस्था है।
  3. UPSC देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएँ कराती है।
  4. इसके ज़रिए IAS, IPS, IFS जैसे बड़े अधिकारी चुने जाते हैं।
  5. इसका मकसद देश को ईमानदार और योग्य अफसर देना है।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।