रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में पीएचई मंत्री रामसेवक पैकरा को कड़ी फटकार और विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से कार्रवाई के लिए जारी सीधे निर्देश के कुछ घंटे बाद ही राज्य सरकार ने पीएचई के दो अफसरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। जिन दो अफसरों को सस्पेंड किया गया उनमें पीएचई के ईई एसके मिश्रा और प्रभारी एई एएल शेख शामिल हैं। आपको बता दें कि आज सदन में बसपा विधायक केशव चंद्रा ने कोरबा जिले के विकासखंड पाली अंतर्गत चैतुरगढ़ में स्वीकृत नलजल योजना में अनियमितता का मामला उठाया था। मंत्री रामसेवक पैकरा ने इस बात का जवाब में स्वीकार किया कि अनियमितता पायी गयी है ।
कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिये गये हैं लेकिन अफसरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी। जवाब में पुरक सवाल करते हुए सदस्य केशव चंद्रा ने कहा कि जब अनियमितता की शिकायत सही पायी गयी है.. तो फिर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है.. क्यों नहीं उन्हें सस्पेंड कर कार्रवाई की जा रही है। जवाब में मंत्री रामसेवक पैकरा ने गोलमोल जवाब देना शुरू कर दिया। जिस विधानसभा अध्यक्ष ने रामसेवक पैकरा को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया।
निलंबन अवधि में मिश्रा का मुख्यालय, कार्यालय प्रमुख अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, इंद्रावती भवन, नया रायपुर होगा। बता दें कि मिश्रा वर्तमान में मुंगेली में पदस्थ हैं। इसी प्रकार एएल शेख तत्कालीन प्रभारी सहायक अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कटघोरा को भी चैतुरगढ़ नल-जल योजना विकास पाली में शासकीय राशि में गड़बड़ी के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। निलंबन अवधि में मिश्रा का मुख्यालय, कार्यालय प्रमुख अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, इंद्रावती भवन, नया रायपुर होगा।
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