डीपीआर के बाद ही साफ होगी तस्वीर
संसद के वर्तमान सत्र में सांसद सुदामा प्रसाद ने सरकार से पूछा था कि क्या यह हाई स्पीड रेल रूट भोजपुर जिले से गुजरेगा और क्या स्थानीय स्तर पर कोई स्टेशन बनेगा। इसके साथ ही उन्होंने सर्वे, बजट और भूमि अधिग्रहण से जुड़े सवाल भी उठाए थे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बजट 2026-27 में जिन सात नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का एलान हुआ था, उनमें वाराणसी–सिलीगुड़ी रूट भी शामिल है। फिलहाल इस प्रोजेक्ट के तहत एलाइनमेंट तय करने, जमीन का सर्वे करने और संभावित लागत का दोबारा आकलन करने का काम चल रहा है।
भारी निवेश पर डिपेंडेंट प्रोजेक्ट
रेल मंत्रालय की ओर से बताया गया कि हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट्स में काफी बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बजट लगता है। इसलिए किसी भी रूट या स्टेशन को अंतिम मंजूरी टेक्निकल एंड इकोनॉमिक फिजिबिलिटी के आधार पर ही दी जाती है।
डीपीआर फाइनल होने से पहले किसी शहर या स्टेशन के जुड़ाव पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही मुआवजे और पुनर्वास की पूरी योजना सार्वजनिक की जाएगी।
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