वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट; क्या भोजपुर से गुजरेगा रूट? अश्विनी वैष्णव ने संसद में क्या कहा जानें

Summary :

वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के रूट, आरा-उदवंतनगर स्टेशन और जमीन अधिग्रहण पर फैसला डीपीआर के बाद होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में यह स्पष्ट जानकारी दी।

Varanasi-Siliguri High-Speed Rail

Varanasi-Siliguri High-Speed Rail: वाराणसी–सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर बिहार के भोजपुर जिले और आरा-उदवंतनगर के लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। संसद में आरा के सांसद सुदामा प्रसाद द्वारा पूछे गए सवाल पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर का रूट, आरा या उदवंतनगर में स्टेशन की संभावना और जमीन अधिग्रहण जैसे अहम पहलुओं पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

इस महत्वाकांक्षी रेल प्रोजेक्ट के लिए अभी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। रेल मंत्री के मुताबिक, डीपीआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही रूट मैपिंग, कुल लागत, स्टेशनों के स्थान और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की पूरी रूपरेखा तय की जाएगी।

डीपीआर के बाद ही साफ होगी तस्वीर

संसद के वर्तमान सत्र में सांसद सुदामा प्रसाद ने सरकार से पूछा था कि क्या यह हाई स्पीड रेल रूट भोजपुर जिले से गुजरेगा और क्या स्थानीय स्तर पर कोई स्टेशन बनेगा। इसके साथ ही उन्होंने सर्वे, बजट और भूमि अधिग्रहण से जुड़े सवाल भी उठाए थे।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बजट 2026-27 में जिन सात नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का एलान हुआ था, उनमें वाराणसी–सिलीगुड़ी रूट भी शामिल है। फिलहाल इस प्रोजेक्ट के तहत एलाइनमेंट तय करने, जमीन का सर्वे करने और संभावित लागत का दोबारा आकलन करने का काम चल रहा है।

भारी निवेश पर डिपेंडेंट प्रोजेक्ट

रेल मंत्रालय की ओर से बताया गया कि हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट्स में काफी बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बजट लगता है। इसलिए किसी भी रूट या स्टेशन को अंतिम मंजूरी टेक्निकल एंड इकोनॉमिक फिजिबिलिटी के आधार पर ही दी जाती है।

डीपीआर फाइनल होने से पहले किसी शहर या स्टेशन के जुड़ाव पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही मुआवजे और पुनर्वास की पूरी योजना सार्वजनिक की जाएगी।

यह भी पढ़ें – असम बाढ़ से तबाही, अलख पांडेय से सलमान खान तक; सेलेब्रिटीज ने दान किए करोड़ों रुपये और राहत सामग्री

Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।