VB-G RAM G Bill Passed: VB-G RAM G बिल पर सियासत जारी है, जहां BJP पक्ष इस बिल के पक्ष में है वहीं विपक्ष कड़ी आलोचना कर रहा है। इसी बीच लोकसभा से मंजूरी मिलने के बाद राज्यसभा ने भी इस बिल को आधी रात में पारित कर दिया है। संसद ने विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) विधेयक पारित कर दिया। एमजीएनआरईजीए को प्रतिस्थापित करने वाले इस विधेयक के पारित होने से पहले विपक्षी सदस्य राज्यसभा से वॉकआउट कर गए। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि विधेयक को एक चयन समिति के पास भेजा जाए।
VB-G RAM G Bill Passed

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह विधेयक गरीबों के कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान करने का आरोप लगाया। बहस में भाग लेते हुए कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि सत्ता में आने पर पार्टी एमजीएनआरईजीए कानून को बहाल करेगी। जिस दिन हम सत्ता में वापस आएंगे, गांधी जी का नाम जरूर होगा और एमएनआरईजीए को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाएगा। यही हमारा वादा है। हम गांधी जी का नाम वापस लाएंगे। हम आपकी गोडसे जैसी प्रवृत्तियों का अंत करेंगे,” उन्होंने भाजपा को निशाना बनाते हुए कहा।
Opposition on VB-G RAM G Bill

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने भाजपा सरकार पर जमकर विरोध करते हुए कहा कि वह समय भी आएगा जब वे इस कानून को वापस लेंगे। एक व्यक्ति, एक मंत्री, जो गरीबों के प्रति दया दिखाता है, अब एमएनआरईजीए को खत्म कर रहा है। आने वाले दिनों में एक समय आएगा जब आप इस कानून को भी तीन कृषि कानूनों की तरह वापस ले लेंगे। क्या आप ऐसा आंदोलन चाहते हैं जिसमें लोग सड़कें जाम करें, विरोध करें, गोली लगने से घायल हों और मर जाएं? तभी आप कानून वापस लेंगे? लोग सड़कों पर उतरेंगे, गोलियों का सामना करेंगे, लेकिन इस कानून का कभी समर्थन नहीं करेंगे।
#WATCH | Delhi: Latest visuals from the Parliament premises this morning.
TMC MPs staged an overnight protest against the VB- G RAM G Bill 2025, which has been passed in both Houses of the Parliament. pic.twitter.com/BUPwkrHTIZ
— ANI (@ANI) December 19, 2025
VB-G RAM G Bill
यह विधेयक ग्रामीण परिवारों के प्रत्येक वयस्क सदस्य को, जो अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हैं, मौजूदा 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का वेतनभोगी रोजगार सुनिश्चित करता है। विधेयक की धारा 22 के अनुसार, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच निधि बंटवारे का पैटर्न 60:40 होगा, जबकि उत्तर पूर्वी राज्यों, हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू और कश्मीर) के लिए यह 90:10 होगा। विधेयक की धारा 6 राज्य सरकारों को वित्तीय वर्ष में कुल मिलाकर साठ दिनों की अवधि को अग्रिम रूप से अधिसूचित करने की अनुमति देती है, जिसमें बुवाई और कटाई के चरम कृषि मौसम शामिल हैं।
Opposition Protest
इस विधेयक का विरोध करते हुए कांग्रेस ने 17 दिसंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों की घोषणा की, जिसमें भाजपा और आरएसएस पर अधिकार-आधारित कल्याणकारी योजनाओं को खत्म करने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया। विपक्षी सदस्यों के विरोध और नारेबाजी के बीच लोकसभा ने गुरुवार को विधेयक पारित कर दिया था।
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