नयी दिल्ली : विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने रविवार को नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शनों को लेकर आरोप लगाया कि ‘‘छद्म धर्मनिरपेक्षतावादी’’ निहित स्वार्थी तत्वों का यह कृत्य निंदनीय है।
विहिप के अंतरराष्ट्रीय महासचिव मिलिंद परांडे ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों को भारत में शरण देने से कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन ‘‘राष्ट्रविरोधी कृत्य’’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रहित के बावजूद, अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की नीति के तहत कुछ छद्म धर्मनिरपेक्षतावादियों और स्थिति का फायदा उठाना चाह रहे राजनीतिक दलों द्वारा लोगों को भ्रमित करने और उकसाने के लिए हिंसक प्रदर्शन किए जा रहे हैं।’’


Download Android App
Download iOS App



