उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कैंसर के विरुद्ध अभियान में लगे चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, शोधकर्ताओं और समाज सेवी संस्थाओं का अभिनंदन करते हुए गुरुवार को कहा कि इस व्याधि के निदान के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनानी चाहिए। उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने विश्व कैंसर दिवस पर जारी एक ट्वीट संदेश में कहा कि कैंसर कारक पदार्थों से दूर रहना चाहिए और स्वस्थ जीवन शैली अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लक्षणों की शीघ्र जांच से कैंसर का उपचार संभव है।
#विश्वकैंसरदिवस के अवसर पर कैंसर के विरुद्ध अभियान में लगे चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, शोधकर्ताओं और समाज सेवी संस्थाओं का अभिनन्दन करता हूं। इस व्याधि के निदान के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं, कैंसर कारक पदार्थों से दूर रहें। लक्षणों की शीघ्र जांच से कैंसर का उपचार संभव है। pic.twitter.com/iNPq4kBQoy
— Vice President of India (@VPSecretariat) February 4, 2021
बाद में उप राष्ट्रपति ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर लिखे एक लेख में कहा कि आज जब भारत कोविड 19 जैसी संक्रामक महामारी के विरुद्ध सफल संघर्ष कर रहा है लेकिन मधुमेह, कार्डियोवास्कुलर बीमारियों तथा कैंसर जैसी असंक्रामक व्याधियों को भी नजरंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हाल के वर्षों में इन्हीं असंक्रामक व्याधियों ने हमारे स्वास्थ्य और हमारी अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हुई 63 प्रतिशत मृत्यु का कारण यही व्याधियां रही हैं।’’ विश्व कैंसर दिवस का उल्लेख करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि कैंसर के विरुद्ध अभियान में हम सभी बदलाव के प्रभावी कारक बन सकते हैं।
आरामतलब जीवन शैली, बढ़ती आयु, पर्यावरणीय कारक आदि कैंसर के कारण हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच, रोकथाम तथा उपचार के आधुनिक तरीकों से अनेक रोगियों को मृत्यु से बचाया जा सकता है। लक्षणों की शुरुआती जांच के लिए मोबाइल जांच केंद्रों की सुविधा का विस्तार किया जाना चाहिए। प्राथमिकता के आधार पर इस सुविधा का प्रसार ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पहले किया जाना चाहिए। यह बीमारी जांच से जितनी जल्दी पकड़ में आएगी, इसका इलाज भी उतना ही सफल और कारगर होगा।


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