उपराष्ट्रपति ने भूमि संबंधी कानूनों, प्रक्रियाओं को सरल बनाने का किया अनुरोध

Summary :

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए लोगों और जमीन विवादों से निपटने वाले अधिकारियों का कम से कम आमना सामना होना चाहिए।

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए लोगों और जमीन विवादों से निपटने वाले अधिकारियों का कम से कम आमना सामना होना चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों को भूमि लेन-देन की प्रक्रिया को सरल और उसे पारदर्शी बनाने का अनुरोध किया । 
‘‘लैंड रजिस्ट्रेशन, ग्लोबल प्रैक्टिसेज एंड लेसन्स फार इंडिया’’ किताब जारी करते हुए नायडू ने कहा कि पुराने कानून में समय-समय पर संशोधन होना चाहिए । 
उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए लोगों और पंजीकरण सहित भूमि के मुद्दों से निपटने वाले अधिकारियों का आमना-सामना न्यूनतम होना चाहिए। सभी राज्यों और केंद्र को प्रक्रियाओं को सरल और उन्हें पूरी तरह से पारदर्शी बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।’’ 
उन्होंने कहा कि राज्यों को भूमि रिकॉर्ड और भूमि लेन-देन से संबंधित प्रशासनिक और कानूनी प्रारूप में बड़ा परिवर्तन करना होगा । 
हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव बी के अग्रवाल द्वारा लिखित और पेंटागन प्रेस द्वारा प्रकाशित, किताब में भूमि पंजीकरण प्रणाली से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर प्रकाश डाला गया है। इसमें भारत और छह विकसित देशों-जर्मनी, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस और नीदरलैंड में प्रचलित व्यवस्था का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है। 
उपराष्ट्रपति ने कहा कि जमीन हड़पने के मुद्दे पर भी ध्यान से विचार करने की जरूरत है। 

Shera Rajput