नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि ‘विकसित भारत’ की यात्रा बड़े शहरों से शुरू होकर हर मोहल्ले, हर बस्ती और हर परिवार तक पहुंचनी चाहिए। बदलाव केवल इमारतों में नहीं होना चाहिए, हमारी पहचान में भी होना चाहिए। रक्षा मंत्री का कहना था कि आज भारत विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, ” विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी-बड़ी परियोजनाएं और आधुनिक इमारतें नहीं हैं। विकसित भारत का अर्थ है कि जब बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा मिले, जब किसी परिवार के घर में साफ पानी पहुंचे, जब किसी युवा को खेलने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले और जब किसी दिव्यांग बच्चे को यह महसूस न हो कि वह समाज से पीछे है। यही विकास है।”
राजनाथ सिंह ने रविवार को लखनऊ कैंटोनमेंट में विकास से जुड़ी अनेक परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह को संबोधित किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ छावनी में हो रहा यह विकास केवल ईंट, सीमेंट, और मशीनों का विकास नहीं है; यह लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास है। कहीं घर तक पानी पहुंचाने का प्रयास है, कहीं बच्चे को शिक्षा और अवसर देने का प्रयास है, कहीं जरूरतमंद को इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास है, और कहीं युवाओं को खेल तथा भविष्य की नई दिशा देने का प्रयास है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ छावनी परिषद ने ब्रिटिश काल से चले आ रहे कुछ बाजारों के नाम बदलकर उन्हें भारत के स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा से जुड़े महान व्यक्तित्वों के नाम दिए हैं।
इसके साथ ही उन्होंने कहा, ”आज का दिन लखनऊ छावनी के लिए बड़ा महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि आज हम लगभग 101 करोड़ रुपये की लागत से 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास कर रहे हैं। ये 12 परियोजनाएं 12 संकल्प हैं, एक बेहतर छावनी का संकल्प, एक स्वच्छ छावनी का संकल्प, बेहतर जलापूर्ति का संकल्प, बच्चों के बेहतर भविष्य का संकल्प, युवाओं को खेल के बेहतर अवसर देने का संकल्प, सम्मानजनक नागरिक सुविधाओं का संकल्प और आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ती हुई छावनी का संकल्प।”
रक्षामंत्री ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि उत्तर प्रदेश सरकार, रक्षा मंत्रालय, और उद्योग जगत मिलकर विकास के इस कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। जब केंद्र और राज्य सरकार की सोच एक दिशा में चलती है, तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि वह लखनऊ छावनी परिषद की पूरी टीम की सराहना करना चाहते हैं। लखनऊ छावनी परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों ने यह दिखाया है कि यदि सोच स्पष्ट हो, लक्ष्य स्पष्ट हो और काम करने की इच्छा हो, तो सीमित संसाधनों के बीच भी बड़े परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने अपेक्षा की कि यही गति आगे भी बनी रहेगी।
–आईएएनएस
जीसीबी/एसके
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