पश्चिम बंगाल चुनाव में टूटा मतदान का रिकॉर्ड, 1951 से ऐसा रहा मतदाताओं का मिजाज

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नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान खत्म होने पर चुनाव आयोग ने आंकड़े जारी करते हुए खुशी जताई है। स्वतंत्रता के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में सर्वाधिक मतदान 91.66 फीसदी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा शाम 7.45 बजे तक का है। अब तक यह रिकॉर्ड त्रिपुरा के पास था, जहां 2013 में 91.82 फीसदी वोटिंग हुई थी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रिकॉर्ड मतदान के लिए पश्चिम बंगाल की जनता को बधाई दी। सीईओ कार्यालय की ओर से बताया गया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार…

नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान खत्म होने पर चुनाव आयोग ने आंकड़े जारी करते हुए खुशी जताई है। स्वतंत्रता के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में सर्वाधिक मतदान 91.66 फीसदी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा शाम 7.45 बजे तक का है। अब तक यह रिकॉर्ड त्रिपुरा के पास था, जहां 2013 में 91.82 फीसदी वोटिंग हुई थी।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रिकॉर्ड मतदान के लिए पश्चिम बंगाल की जनता को बधाई दी। सीईओ कार्यालय की ओर से बताया गया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. एसएस संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से मतदान पर कड़ी निगरानी रखी, जिसे पश्चिम बंगाल (द्वितीय चरण) के सभी मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित किया गया था।

यदि मतदाताओं की संख्या पर नजर डालें तो पहले चरण में 3 करोड़ 60 लाख और दूसरे चरण में 3 करोड़ 21 लाख लोगों ने वोट डाले। पुरुष मतदाताओं ने पहले चरण में एक करोड़ 84 लाख और दूसरे चरण में एक करोड़ 65 लाख वोट डाले। महिलाओं ने पहले चरण में 1 करोड़ 76 लाख और दूसरे चरण में 1 करोड़ 57 लाख वोट डाले। पश्चिम बंगाल के 5,343 पोलिंग स्टेशनों का डेटा अभी तक अपडेट नहीं किया गया है। इसलिए मतदान का प्रतिशत बढ़ सकता है।

बंगाल विधानसभा के दूसरे चरण के लिए मतदान बुधवार सुबह 7:00 बजे प्रारंभ हुआ। शाम 7.45 बजे तक 91.66 फीसदी मतदान हुआ। पुरुष 91.07, महिला 92.8 और थर्ड जेंडर के 91.28 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। हालांकि इस आंकड़े में बदलाव हो सकता है। वहीं, पहले चरण में 93.19 फीसदी मतदान हुआ था। दोनों चरणों का संयुक्त मतदान प्रतिशत 92.47 फीसदी रहा है। इससे पहले, पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 84.72 फीसदी मतदान विधानसभा चुनाव 2011 हुआ था।

अगर बीते वर्षों की बात करें तो 1951 विधानसभा चुनाव में 43.12, 1951 में लोकसभा चुनाव में 40.49 फीसदी, 1957 विधानसभा चुनाव में 47.64, 1957 लोकसभा चुनाव में 47.67, 1962 विधानसभा चुनाव में 55.55, 1962 लोकसभा चुनाव में 55.75 प्रतिशत मतदान हुआ था।

इसके अलावा, 1967 विधानसभा चुनाव में 66.10 और लोकसभा चुनाव में 66.03, 1969 विधानसभा चुनाव में 66.51, 1971 विधानसभा चुनाव में 62.03, 1971 लोकसभा में 61.93, 1972 विधानसभा चुनाव में 60.82, 1977 विधानसभा चुनाव में 56.15, 1977 लोकसभा चुनाव में 60.24, 1980 लोकसभा चुनाव में 70.62 और 1982 विधानसभा चुनाव में 76.96 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी।

वहीं, 1984 लोकसभा चुनाव में 78.61,1987 विधानसभा चुनाव में 75.66, 1989 लोकसभा चुनाव में 79.67, 1991 विधानसभा चुनाव में 76.80 और लोकसभा चुनाव में 76.73, 1996 विधानसभा चुनाव में 82.94 और लोकसभा चुनाव में 82.66 प्रतिशत मतदान हुआ था।

इसके साथ ही, 1998 लोकसभा चुनाव में 79.27, 1999 लोकसभा में 75.05, 2001 विधानसभा चुनाव में 75.29, 2004 लोकसभा चुनाव में 78.04, 2006 विधानसभा में 81.58, 2009 लोकसभा में 81.42, 2011 विधानसभा चुनाव में 84.72, 2014 लोकसभा चुनाव में 82.22, 2016 विधानसभा में 83.02, 2019 लोकसभा में 81.76, 2021 विधानसभा में 82.30 और 2024 लोकसभा चुनाव में 79.55 फीसदी मतदान हुआ था।

–आईएएनएस

ओपी/एबीएम

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