Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के धार जिले में बुधवार रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ। जिसमें करीब 12 मजदूरों की मौत हो गई, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। यह घटना बुधवार की रात करीब 8:30 बजे धार जिले के चिकालिया क्षेत्र में एक निजी पेट्रोल पंप के पास हुई, जब यात्रियों से खचाखच भरा एक पिकअप नियंत्रण खोकर पलट गया। प्रारंभिक पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, वाहन में लगभग 40 से 45 मजदूर सवार थे, जो इस प्रकार के परिवहन के लिए कानूनी और सुरक्षित क्षमता से कहीं अधिक है। अचानक हुए इस हादसे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

Dhar Road Accident: हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख
पीएमओ की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा गया, मध्य प्रदेश के धार में हुए हादसे की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। पीएमओ की तरफ से आगे बताया गया कि मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।
Deeply pained to hear about the loss of lives in an accident in Dhar, Madhya Pradesh. I extend my heartfelt condolences to those who have lost their loved ones in this mishap. Prayers for the speedy recovery of the injured.
An ex-gratia of Rs. 2 lakh each from PMNRF would be…
— PMO India (@PMOIndia) April 29, 2026
Dhar Road Accident: गाड़ी में क्षमता से ज्यादा लोग मौजूद
पिकअप के पलटने के बाद पूरे क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई, क्योंकि कई यात्री वाहन के नीचे दब गए। पीड़ितों की भारी संख्या के कारण मौके पर अत्यधिक अव्यवस्था और दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय निवासी सबसे पहले मदद के लिए आगे आए और तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए पुलिस को घटना की जानकारी दी। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं, जिससे यह घटना और भी दर्दनाक हो गई है। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कई घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

Madhya Pradesh: घायलों का इलाज जारी
अस्पताल के चिकित्सा कर्मचारियों ने बताया कि कई मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे समुदाय में चिंता और शोक का माहौल है। वाहन के नियंत्रण खोने के कारणों की जांच अभी जारी है, लेकिन पिकअप में अत्यधिक भीड़ को इस हादसे की गंभीरता का मुख्य कारण माना जा रहा है।

प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान की जा रही है, वहीं बढ़ते सड़क हादसे भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों और क्षमता सीमा के सख्त पालन की आवश्यकता को दर्शाते हैं।
ALSO READ: योगी सरकार की नीति रंग लाई, गंगा एक्सप्रेसवे बना टूरिज्म और रोजगार का नया इंजन


Download Android App
Download iOS App




