लखनऊ, 23 सितंबर (आईएएनएस)। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को ‘भारत टैक्सी’ और ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ का शुभारंभ करते हुए टैक्सी चालकों और किसानों के लिए दो बड़े कदम उठाए। भारत टैक्सी से टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालक रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर जुड़ सकेंगे। उन्हें पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी।
वहीं, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत कर दी गई है। सीएम योगी ने कहा कि सहकारिता की कमान किन हाथों में है, उसी पर उसकी सफलता निर्भर करती है। अच्छा नेतृत्व सहकारिता को समृद्धि का माध्यम बनाता है, जबकि गलत नेतृत्व इसे अराजकता की ओर ले जा सकता है। आजादी के बाद पहली बार देश में अलग सहकारिता मंत्रालय बना और अब इसके परिणाम सामने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों के बारे में पहले कोई नहीं सोचता था। अब वे रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे और पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पाएंगे। सामाजिक सुरक्षा मिलने से चालक निश्चिंत होकर जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर सकेगा। भारत टैक्सी केवल यात्रियों को ढोने वाली टैक्सी नहीं है। यह पूरे भारत की टैक्सी है, जो भारत की गति को प्रगति में बदलने का काम करेगी। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में इसका संचालन शुरू किया गया है। लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू भी हुए हैं।
उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लाखों नौजवान रैपिडो के माध्यम से अपनी बाइक पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित संगम तक पहुंचा रहे थे। संगम से रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में भी उनका योगदान रहा। इससे यातायात बाधित नहीं हुआ और लोगों को आसानी से आवागमन की सुविधा मिली। उन्होंने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से ग्रामीण बस सेवा को भी भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मॉडल को आगे बढ़ाया गया तो लाखों नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था। इसे अब घटाकर छह प्रतिशत कर दिया गया है। खेती-बाड़ी और मशीनरी के लिए किसानों को पैसे की कमी न हो, इसके लिए दीर्घकालिक ऋण की व्यवस्था की गई है। आगामी कुछ वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है। अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो भारत खुशहाल होगा। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो भारत समृद्ध होगा। सहकारिता क्षेत्र जितना मजबूत होगा, देश भी उतना ही मजबूत होगा।
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के 16 सहकारी बैंक निष्क्रिय हो चुके थे और उनके लाइसेंस जब्त हो गए थे। इनमें किसानों के हजारों करोड़ रुपये जमा थे। अब 16 में से 15 बैंक फिर मुनाफे में आ चुके हैं। एक अन्य बैंक को भी बेहतर करने पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि पैक्स को पहले 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की सुविधा दी गई थी, जिसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। सहकारिता से 54 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। किसानों को समय पर खाद, कीटनाशक और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि पोर्टल ऐप यूपीसीडीसी लॉन्च किया। उर्वरक के लिए मोबाइल ऐप और सहकारिता की सेवाओं को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए कोऑपरेटिव डाटा सेंटर तथा मोबाइल ऐप की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने पांच सारथियों को भारत टैक्सी के शेयर प्रमाण पत्र और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के पांच लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे।
–आईएएनएस
विकेटी/एसके
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