जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने रविवार को प्रसिद्ध स्की स्थल गुलमर्ग और पर्यटन स्थल तंगमर्ग को तंबाकू-मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया। इसका मतलब है कि इन जगहों पर धूम्रपान और तंबाकू से जुड़ी अन्य गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित होंगी।यह निर्णय गुलमर्ग में होने वाले ‘खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2025’ से पहले लिया गया है। बारामूला के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि तंबाकू का सेवन कई घातक बीमारियों का मुख्य कारण है। इससे कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की समस्याएं हो सकती हैं। देश में होने वाली लगभग 40 प्रतिशत गैर-संक्रामक बीमारियां तंबाकू सेवन के कारण होती हैं।
भारत सरकार ने 2003 में ‘सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम’ (सीओटीपीए) लागू किया था, जो तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन, व्यापार, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करता है। इसका उद्देश्य युवाओं और आम जनता को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों से बचाना है। इस कानून की धारा 4 में सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान प्रतिबंधित किया गया है। इसमें सरकारी दफ्तर, कार्यस्थल, कैंटीन आदि शामिल हैं।
आदेश में यह भी कहा गया है कि तंबाकू थूकने से स्वाइन फ्लू, टीबी, निमोनिया और पेट से जुड़ी बीमारियां फैल सकती हैं। टीबी के बैक्टीरिया थूक में पूरे दिन जिंदा रह सकते हैं, जिससे दूसरों को संक्रमण का खतरा होता है। ‘भारतीय न्याय संहिता’ की धारा 270 के तहत यदि कोई व्यक्ति ऐसा काम करता है जिससे आम जनता को नुकसान या परेशानी हो, तो इसे अपराध माना जाएगा। इसीलिए, ‘खेलो इंडिया गेम्स 2025’ और सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, गुलमर्ग और तंगमर्ग को तंबाकू-मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां धूम्रपान और तंबाकू थूकना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा और ऐसा करने पर दंड का प्रावधान होगा।


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