भारतीय सेना ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास एक पीओके निवासी को पकड़ा है। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान मोहम्मद याकूब के रूप में की गई है। मोहम्मद याकूब पीओके के सुहाना, कोटला का रहने वाला है, उसके पिता का नाम मोहम्मद सदीक है। दरअसल, यह व्यक्ति सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था, इसी दौरान सेना के जवानों ने उसे पकड़ लिया। फिलहाल, वह भारतीय सेना की कस्टडी में है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
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अधिकारियों ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता करने की कोशिश में जुटे हैं कि एलओसी पार करने के पीछे उसकी मंशा क्या थी। सुरक्षा एजेंसियां उसके इरादे और सीमा पार गतिविधियों से किसी भी संभावित संबंध का पता लगाने के लिए मामले की बारीकी से जांच कर रही हैं।
इससे पहले, 20 मार्च को बिहार के सुपौल जिले में इंडो-नेपाल बॉर्डर पर तैनात एसएसबी ने संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया था। जानकारी के अनुसार, एसएसबी की 45वीं बटालियन ने कुनौली सीमा चौकी से संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया था। संदिग्ध बांग्लादेशी नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश कर रहा था। इस दौरान एसएसबी ने उसे रोका और पूछताछ की तो उसकी बातों से संदेह हुआ। इसके बाद एसएसबी 45वीं बटालियन ने बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसबी 45वीं बटालियन के कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि चेकिंग के दौरान व्यक्ति ने अपने सामान की तलाशी देने से इनकार कर दिया था और फर्जी पहचान पत्र दिखाने की कोशिश की। पूछताछ में उसने अपना नाम अकबर बताया और खुद को पश्चिम बंगाल के नादिया का निवासी बताया। यही नहीं, उसने अपनी उम्र 49 वर्ष बताई थी, लेकिन वास्तविक उम्र 65 वर्ष पाई गई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि साल 2010-11 में मुंबई पुलिस ने उसे बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में पनवेल से गिरफ्तार किया था और इस दौरान वह छह महीने तक जेल में भी रहा था। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पहचान छुपाने के कारण एसएसबी ने उसे आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए थाना कुनौली को सौंप दिया था।


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