J&K : आर्मी कैंप पर आतंकी हमला, 2 जेसीओ शहीद, 4 जवान जख्मी

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नई दिल्ली:  जम्मू कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में दो जेसीओ शहीद हो गए हैं, जबकि चार लोग घायल हो गए हैं। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन को सुंजवां में चल रहे ऑपरेशन और हालिया स्थिति के बारे में जानकारी दी है।अब इस ऑपरेशन में वायु सेना भी शामिल हो गई है. ऑपरेशन के लिए उधमपुर से पैरा कमांडो बुला लिए गए हैं।

इस बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के डीजीपी से बात की है। डीजीपी एसपी वैद्य ने आतंकी हमले के बारे में गृहमंत्री को पूरी जानकारी दी है। गृह मंत्रालय पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। आतंकियों के खात्मे के लिए सेना का ऑपरेशन जारी है।

 

सुबह 5 बजे के करीब आतंकियों ने किया हमला

बता दें कि आतंकियों ने ये आत्मघाती हमला शनिवार को तड़के सुबह 5 बजे के आसपास किया. जानकारी के मुताबिक, 3-4 आतंकी कैंप के पीछे के इलाके से जाली काटकर अंदर घुसे. इसके बाद उन्होंने गोलीबारी शुरू की।

आतंकियों के इस हमले का क्विक रेस्पांस टीम ने भी जवाब दिया है. हमले को देखते हुए पूरे जम्मू में हाई अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही इलाके को सील कर दिया गया है। सुरक्षा बल हेलिकॉप्टर के जरिए निगरानी रख रहे हैं।

बताया जा रहा है कि करीब 3-5 आतंकी कैंप में छुपे हो सकते हैं, वे लगातार फायरिंग कर रहे हैं। आतंकी हमले के बाद सेना के जवानों ने मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। यह हमला सुंजुवन मिलिट्री कैंप पर हुआ है। फिलहाल दोनों तरफ से फायरिंग जारी है। घायल हुए जवान सेना में जेएसओ हैं।

जम्मू के आईजीपी एसडी सिंह जामवाल ने बताया, ‘सुबह करीब ४:५५ बजे संत्री ने कुछ संदिग्ध लोगों को देखा। संत्री ने उनपर जवाबी कार्रवाई की. कितने आतंकी हैं इसकी पता नहीं चल पाया है. वे किसी फैमिली क्वार्टर में छुपे हो सकते हैं। हमले में दो लोग घायल हुए हैं, जिसमें एक हवलदार और दूसरा उनकी बेटी है. ऑपरेशन जारी है।’

जैश ए मोहम्मद के हैं आतंकी
बताया जा रहा है कि जैश ए मोहम्मद के आतंकवादियों ने जम्मू शहर के बाहरी इलाके में स्थित सेना के एक शिविर पर हमला बोल दिया। अधिकारियों ने कहा कि रात में शहर के बाहरी इलाके में चेन्नी के पास स्थित सेना के सुंजवान शिविर के पिछले हिस्से से आतंकवादी वहां दाखिल हुये। खुफिया एजेंसियों ने अफजल गुरू की बरसी पर जैश ए मोहम्मद द्वारा सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाये जाने को लेकर पहले ही चेतावनी जारी की थी। अफजल गुरू को नौ फरवरी 2013 को फांसी दी गई थी।

पिछले कुछ समय से आतंकी लगातार सेना के कैंप को निशाना बनाने की कोशिश में जुटे हैं। पांच फरवरी को रात जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों ने पुलवामा के काकापुरा में सेना के ५०वीं राष्ट्रीय राइफल्स कैंप पर हमला बोल दिया। इस दौरान आतंकियों ने कैंप पर फायरिंग की और ग्रेनेड फेंके। हालांकि इस हमले में किसी को नुकसान नहीं हुआ है। हमले के बाद आतंकवादी भाग निकलने में कामयाब रहे। विस्तृत खबर का ब्यौरा थोड़ी देर में…

Desk Team