गुज्जर नेता एवं पद्म भूषण से सम्मानित मियां बशीर अहमद का लंबी बीमारी के बाद शनिवार रात निधन हो गया।
जम्मू-कश्मीर के गांदेरबल जिले के रहने वाले अहमद 98 वर्ष के थे।
पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि अहमद का नमाज-ए-जनाजा रविवार को बाबा नागरी वंगट के मजार शरीर बाबाजी साहिब लार्वी पर पढ़ा जाएगा।
अहमद, गुज्जर नेता एवं संत मियां नमाजुदीन लार्वी के बेटे और पूर्व मंत्री तथा पूर्व मंत्री एवं नेशनल कांफ्रेंस के नेता मियां अल्ताफ अहमद के पिता थे।
अहमद, शेख अब्दुल्ला के मंत्रिमंडल में मंत्री थे। बाद में उन्होंने राजनीति छोड़ दी और इस्लामी सूफी परंपरा के लिए काम करना और वंचितों की मदद करना शुरू कर दिया।
उन्हें 2008 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
अहमद के निधन पर तमाम लोगों ने शोक व्यक्त किया है।
नेकां के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘‘अभी-अभी आध्यात्मिक और जन नेता मियां बशीर साहिब के गुजर जाने की खबर मिली, उनका गुज्जर समुदाय में बहुत सम्मान था। उनके जाने से बहुत लोग दुखी हैं। मेरी संवेदनाएं सहकर्मी मियां अल्ताफ साहिब और उनके परिवार के साथ हैं।’’
उनकी पार्टी ने कहा कि अहमद के जाने से रिक्त हुए स्थान को कोई नहीं भर सकता।
जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस समिति ने भी अहमद के निधन पर शोक जताते हुए इसे केन्द्र शासित प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।


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