PM Modi का अमरनाथ यात्रियों के नाम खास संदेश, 5 संकल्प अपनाने की देशवासियों से अपील

Summary :

जम्मू-कश्मीर में बाबा अमरनाथ की यात्रा आज 3 जुलाई से शुरू हो गई है। बारिश और खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं में उतना ही उत्साह है। बालटाल तथा पहलगाम दोनों मार्गों से हजारों शिवभक्त बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकल गए हैं। पहले ही दिन 10 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जा रहे हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले भक्तों के नाम एक विशेष पत्र लिखा है। अपने पत्र संदेश में उन्होंने यात्रा को सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी जैसी कई और संकल्प लेने की अपील…

जम्मू-कश्मीर में बाबा अमरनाथ की यात्रा आज 3 जुलाई से शुरू हो गई है। बारिश और खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं में उतना ही उत्साह है। बालटाल तथा पहलगाम दोनों मार्गों से हजारों शिवभक्त बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकल गए हैं। पहले ही दिन 10 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जा रहे हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले भक्तों के नाम एक विशेष पत्र लिखा है। अपने पत्र संदेश में उन्होंने यात्रा को सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी जैसी कई और संकल्प लेने की अपील भी की है।

अमरनाथ श्रद्धालुओं के नाम पीएम मोदी का संदेश

बता दें कि पीएम मोदी ने अमरनाथ यात्रा में जाने वाले श्रद्धालुओं को लेकर एक खास पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा, ‘प्रिय श्रद्धालु, हर हर महादेव! जय बाबा बर्फानी। जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा में सम्मिलित होना, अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य होता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुई प्रथम पूजा के साथ ही भक्तों के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन का क्रम शुरू हो जाता है। देश के कोने-कोने में श्रद्धालु इस पावन यात्रा में सम्मिलित होने के लिए तत्पर रहते हैं। हर वर्ष बाबा बर्फानी के प्रत्यक्ष दर्शन का यह अवसर, लाखों शिवभक्तों के लिए जीवन का एक अत्यंत शुभ और अविस्मरणीय अनुभव होता है। मैं इस वर्ष, यात्रा के इस अवसर पर आप सभी शिवभक्तों की अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। बाबा अमरनाथ के दर्शन की यह यात्रा, भारत की आध्यात्मिक यात्रा परंपरा का एक शाश्वत अध्याय है। हर वर्ष पूरे विश्व से सनातन संस्कृति को मानने वाले लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में सम्मिलित होने के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। अलग-अलग प्रांतों से, अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले और विविध परंपराओं को मानने वाले लोग, महादेव के दर्शन का संकल्प लेकर इस यात्रा को पूरा करते हैं। बीते कई दशकों से, श्री अमरनाथजी आइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर सरकार बहुत कुशलता और सेवा भाव से यात्रा का प्रबंधन करते आ रहे हैं। इसके साथ ही, यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने में हमारे प्रशासन और सुरक्षाबलों की भी बहुत बड़ी भूमिका रहती है। इस वर्ष भी हजारों साथी इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।”

PM Modi on Amarnath Yatra (CREDIT-SM)

उन्होंने अपने इस पत्र में आगे लिखा, “मैं इस अवसर पर भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े चिकित्सकों और कर्मियों, प्रशासन के अधिकारियों, सफाई मित्रों तथा भक्तों की सेवा में जुटे हर साथी का हृदय से अभिनंदन करता हूं। इन दो महीनों के दौरान, बाबा बर्फानी के पवित्र धाम में भारत की विविधता में एकता का अद्भुत स्वरूप भी देखने को मिलता है। बाबा बर्फानी के धाम की यह यात्रा, हमें जम्मू-कश्मीर के आतिथ्य भाय और देशभर से आए भक्तों के समर्पण का भी दर्शन कराती है। यात्रा के हर आयोजन में, जम्मू-कश्मीर के हजारों स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले असंख्य भक्त भी, पवित्र गुफा और बात्रा मागों पर भंडारों और लंगरों का संचालन करते हैं। निःस्वार्थ सेवा की यह भावना, हमारी सनातन संस्कृति और सर्वे भवन्तु सुखिना के आदर्श की सजीव अभिव्यक्ति है। इस वर्ष मैं अमरनाथ यात्रा पर जा रहे सभी श्रद्धालुओं से कुछ संकल्पों का आग्रह करना चाहता हूँ।”

प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से 5 प्रमुख संकल्प लेने का आग्रह किया

PM Modi wishes for Amarnath Yatra devotees (CREDIT-SM)

पहला संकल्प – हम अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता के नियमों का पालन करें और पूरे यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने में अपना योगदान दें।

दूसरा संकल्प – हम प्रशासन के सभी आदेशों, यातायात के नियमों और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें। यात्रा के दौरान बारिश की वजह से फिसलन और ठंड का विशेष ध्यान रखें।

तीसरा संकल्प हम ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना से यात्रा के खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत उपयोग स्थानीय उत्पादों को खरीदने में करें। इससे जम्मू-कश्मीर के परिवारों और युवाओं की आजीविका को भी बल मिलेगा।

चौथा संकल्प हम बाबा अमरनाथ यात्रा के समापन दिवस, अर्थात रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई या बहन को एक पौथा भेंट करें और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को आगे बढ़ाएं।

पांचवां संकल्प हम राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ पूरे वर्ष अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और विकसित भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।

उन्होंने आगे लिखा, “मुझे विश्वास है कि बाबा अमरनाथ की दर्शन यात्रा, सनातन धर्म की आस्था, भारत की सांस्कृतिक एकता और सेवा की परंपरा का एक भव्य महोत्सव बनकर पूर्ण होगी। मेरी कामना है, बाबा अमरनाथ की असीम कृपा हम सभी पर बनी रहे। आपकी यात्रा सुरक्षित हो, मंगलमय हो और आपके जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना तथा नई आध्यात्मिक शक्ति का संचार हो। बाबा बर्फानी हम सभी को अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पित बनाएं, ताकि हम मिलकर विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध कर सकें। आप सभी को अमरनाथ यात्रा के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।”

28 अगस्त तक चलेगी अमरनाथ यात्रा

बता दें कि इस साल अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी। प्रशासन ने यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं के लिए खास इंतजाम किए हैं। संवेदनशील इलाकों में अधिक संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, साथ ही चिकित्सा देखभाल, भोजन, रहने की व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन किसी भी संवेदनशील मामले से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

इन रास्तों से करें यात्रा

Amarnath cave shrine (CREDIT-SM)

मालूम हो कि बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए तीर्थयात्री दो तय रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। सबसे पुराना रास्ता अनंतनाग-पहलगाम रास्ता है, जो लगभग 48 किलोमीटर लंबा है, जबकि दूसरा गांदरबल-बालटाल रास्ता है, जो लगभग 14 किलोमीटर लंबा है। आप इन दोनों रास्ते से बाबा बर्फानी तक पहुंच सकते हैं।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।