बातचीत को तैयार सरकार, छात्र CM सोरेन पर अड़े; JPSC अभ्यर्थियों का अल्टीमेटम, मीडिया के सामने होगी बातचीत!

Summary :

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और अन्य भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के विरोध में छात्रों का आंदोलन जारी है। सरकार से बातचीत के प्रस्ताव पर छात्र तैयार हैं, लेकिन उन्होंने शर्त रखी है कि बातचीत सीधे सीएम हेमंत सोरेन से और मीडिया की मौजूदगी में हो।

JPSC Protest Ranchi

JPSC Protest Ranchi : रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे छात्रों को आखिरकार राज्य सरकार ने बातचीत की पेशकश की है।बता दें, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं।

सरकार द्वारा बातचीत का दरवाजा खोलने के चलते छात्र वार्ता के लिए राजी तो हो गए हैं, लेकिन उन्होंने दो बेहद सख्त शर्तें रखी हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि वे किसी मंत्री या अफसर से नहीं, बल्कि सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात करेंगे और इस बैठक में कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहने चाहिए।

सीबीआई-ईडी जांच पर अड़े छात्र

JPSC Protest Ranchi

आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत छह अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठे हैं। देवेंद्र 2 अगस्त से अन्न-जल त्यागे हुए थे, हालांकि पर्यावरणविद सोनम वांगचुक की अपील के बाद उन्होंने पानी पीना शुरू किया, लेकिन अनशन खत्म नहीं किया है।

छात्रों को आशंका है कि सरकार केवल 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बुलाकर उनके इस आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग पूरे मामले की सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) से निष्पक्ष जांच कराने की है।

सरकार की पहल

JPSC Protest Ranchi

बुधवार दोपहर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम धनंजय कुमार स्टेडियम पहुंचे और छात्रों को मुख्यमंत्री का संदेश सौंपा। इससे पहले सीएम हेमंत सोरेन ने अपने आवास पर चार मंत्रियों सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव के साथ बैठक कर बातचीत की रणनीति तैयार की थी। अधिकारियों ने छात्र नेताओं से प्रतिनिधिमंडल के नाम मांगे हैं, जिसके बाद ही आधिकारिक बैठक का समय तय होगा।
दूसरी ओर, धांधली की जांच कर रही सीआईडी (CID) की टीम ने बुधवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच और आरोपियों को दबोच लिया। इनमें परीक्षा आयोजित कराने वाली आउटसोर्स एजेंसी ‘टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड’ (TDPL) का अकाउंटेंट रक्षक सिंह भी शामिल है। इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है।

क्या था पूरा विवाद?

बता दें, यह पूरा विवाद 2 जुलाई को जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी (PT) परीक्षा का परिणाम आने के बाद शुरू हुआ। 2,204 सफल उम्मीदवारों के रिजल्ट पर कट-ऑफ न होने और बिना अधिकारियों के दस्तखत के सूची जारी होने पर सवाल उठे।

इसी बीच एक अभ्यर्थी की कथित ओएमआर (OMR) शीट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि महज 48 सवाल सही करने के बावजूद उसका चयन हो गया। हालांकि भारी विरोध को देखते हुए आयोग ने 18 से 20 जुलाई को होने वाली मुख्य परीक्षा रद्द कर दी थी, लेकिन छात्र अब पूरे तंत्र में सुधार की मांग पर अड़े हैं।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।