International Yoga Day : योग से टीबी के मरीजों को मिलेगी राहत, तंबाकू से छुटकारा

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ववीता चौहान International Yoga Day : टीबी और तंबाकू जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे लोगों के लिए योग उम्मीद की एक नई किरण बन सकता है। योग मरीजों को शारीरिक ही नहीं, मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है और बीमारियों से उबरने और हानिकारक आदतों को छोड़ने में भी सहायक हो सकता है। दिल्ली सरकार के गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में सलाहकार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा सम्मानित और पूर्व में दिल्ली राज्य टीबी कार्यक्रम के प्रमुख रह चुके डॉ. एस.के. अरोड़ा के अनुसार, योग एक संपूर्ण जीवनशैली है जो शरीर, मन और भावनाओं को संतुलित करता है।…

ववीता चौहान

International Yoga Day : टीबी और तंबाकू जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे लोगों के लिए योग उम्मीद की एक नई किरण बन सकता है। योग मरीजों को शारीरिक ही नहीं, मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है और बीमारियों से उबरने और हानिकारक आदतों को छोड़ने में भी सहायक हो सकता है।

दिल्ली सरकार के गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में सलाहकार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा सम्मानित और पूर्व में दिल्ली राज्य टीबी कार्यक्रम के प्रमुख रह चुके डॉ. एस.के. अरोड़ा के अनुसार, योग एक संपूर्ण जीवनशैली है जो शरीर, मन और भावनाओं को संतुलित करता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि योग टीबी (क्षय रोग) का इलाज नहीं है और न ही दवाओं का विकल्प, लेकिन यह उपचार प्रक्रिया को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। डॉ. अरोड़ा बताते हैं कि नियमित योग अभ्यास से टीबी मरीजों को कई लाभ मिल सकते हैं। इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार होता है, श्वसन क्षमता बढ़ती है और शरीर की थकान व कमजोरी कम होती है।

इसके अलावा, योग तनाव और चिंता को कम कर मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है, जिससे नींद की गुणवत्ता और जीवन स्तर में भी सुधार आता है। डॉ. आरोड़ा का कहना है टीबी के दौरान मरीजों को शारीरिक के साथ-साथ मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में योग इन चुनौतियों से निपटने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है।

तंबाकू सेवन और टीबी के बीच गहरा और खतरनाक संबंध है। तंबाकू के उपयोग से टीबी संक्रमण का खतरा बढ़ता है, बीमारी अधिक गंभीर हो सकती है और उपचार में जटिलताएं भी बढ़ जाती हैं। इतना ही नहीं, इससे मृत्यु का जोखिम भी बढ़ जाता है। इसलिए तंबाकू नियंत्रण, टीबी उन्मूलन रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

योग करने से तनाव से राहत

डॉ. अरोड़ा का कहना है कि योग तंबाकू छोड़ने के प्रयासों में भी सहायक सिद्ध हो सकता है। विभिन्न अध्ययनों में पाया गया है कि योग से तंबाकू की लत कम होती है, निकोटिन छोड़ने के दौरान होने वाली बेचैनी घटती है और तनाव व चिंता नियंत्रित रहती है।

साथ ही यह आत्म-नियंत्रण और इच्छाशक्ति को मजबूत करता है, जिससे व्यक्ति लंबे समय तक तंबाकू से दूर रह सकता है। हालांकि, जिन लोगों को निकोटिन की गंभीर लत है, उन्हें केवल योग पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसे मामलों में परामर्श, व्यवहार परिवर्तन चिकित्सा और आवश्यक होने पर दवाओं की मदद लेना भी जरूरी होता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर यह संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है कि योग को अपनाकर न केवल स्वस्थ जीवनशैली विकसित की जा सकती है, बल्कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से उबरने और तंबाकू जैसी हानिकारक आदतों से छुटकारा पाने की दिशा में भी मजबूत कदम उठाया जा सकता है।

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