असम चुनाव रिजल्ट में चौंकाने वाले आंकड़े, विपक्ष में 2 को छोड़ लगभग सभी मुस्लिम विधायक

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Assam Election Result 2026 : भाजपा ने असम को जीत लिया है, 126 विधानसभा सीटों में से 82 सीट जीत कर यह दिखा दिया है कि असम में भाजपा की किलेबंदी पहले से ज्यादा मजबूत हो चुकी है. मगर जो आंकड़े चौंकाने वाले सामने आ रहे हैं और भारतीय लोकतंत्र के कॉन्टेक्स्ट में अच्छे नहीं कहे जा सकते कि राज्य में वोटों का पोलाराइजेशन बहुत ही शार्प तरह से हुआ है. यहां तक कि पहली बार ऐसा हुआ होगा जब विपक्ष में तकरीबन मुस्लिम विधायकों को बैठा दिया है और सत्ता में हिंदू विधायक हैं. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा शुरू…

Assam Election Result 2026 : भाजपा ने असम को जीत लिया है, 126 विधानसभा सीटों में से 82 सीट जीत कर यह दिखा दिया है कि असम में भाजपा की किलेबंदी पहले से ज्यादा मजबूत हो चुकी है. मगर जो आंकड़े चौंकाने वाले सामने आ रहे हैं और भारतीय लोकतंत्र के कॉन्टेक्स्ट में अच्छे नहीं कहे जा सकते कि राज्य में वोटों का पोलाराइजेशन बहुत ही शार्प तरह से हुआ है. यहां तक कि पहली बार ऐसा हुआ होगा जब विपक्ष में तकरीबन मुस्लिम विधायकों को बैठा दिया है और सत्ता में हिंदू विधायक हैं.

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा शुरू से ही कहते आ रहे थे कि परिसीमन से यह सुनिश्चित होगा कि स्वदेशी समुदाय 126 सीटों में से 100 से अधिक सीटों पर कब्जा बनाए रखें. वहीं, कांग्रेस ने सिकुड़े हुए मुस्लिम बहुल क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत की, जिसका खामियाजा इत्र कारोबारी बदरुद्दीन अजमल की एआईयूडीएफ को भुगतना पड़ा है.

जानकारी के अनुसार, 2023 में निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण के बाद असम के पहले विधानसभा चुनाव में परिसीमन एक अप्रत्याशित फैक्टर साबित हुआ. परिसीमन के कारण मुस्लिम बहुल सीटों की संख्या 35 से घटकर 22 हो गई, जिससे बीजेपी के दो मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस और एआईयूडीएफ अब एक दूसरे के खिलाफ अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं.

मुस्लिम विधायकों की संख्या में आ गई कमी

हालांकि विधानसभा सीटों की संख्या 126 ही रही. उसमें कोई बदलाव नहीं आया. मगर, परिसीमन ने प्रतिनिधित्व के समीकरण को बदल दिया, जिससे मुस्लिम विधायकों की संख्या 25 से कम रही, जबकि स्वदेशी समुदाय 90 सीटों के मुकाबले 103 सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाने लगे।

बता दें, राज्य में कांग्रेस के 19 विधायक जीते, वहीं पार्टी में सिर्फ एक हिन्दू प्रत्याशी ने जीत हासिल की, जो कि नोबोइचा सीट से जॉय प्रकाश दास हैं. जिन्होंने 27 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की और उन्हें कुल 86,981 वोट प्राप्त हुए. इसके अलावा विपक्ष की बात की जाए तो राइजोर दल से 2 प्रत्याशी जीत कर आए जिसमें से एक अखिल गोगोई सिब सागर से 17 हजार वोटों से जीते.

हिन्दू – मुस्लिम का डिविजन

मोटामाटी राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष में सिर्फ पार्टी का डिविजन नहीं पैदा हुआ है, बल्कि धर्मों के आधार पर विधायकों का भी डिविजन पैदा हो गया है. २-३ सीट को छोड़ दिया जाए तो राज्य में विपक्ष में मुस्लिम विधायक देखने को मिलेंगे और सत्ता पक्ष में नॉन मुस्लिम. यह अपने आप में लोकतान्त्रिक प्रक्रिया के लिए बड़ी विडंबना खड़ी हो गई है.

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।