बता दें, राज्य में सत्ताधारी दल, DMK की मात्र 59 सीटें ही आ पाई, वहीं ADMK 47 सीटों पर रही. इस समीकरण से भले वह पूर्वं बहुमत हासिल नहीं कर पाए मगर यह तय है कि TVK ही सबसे बड़ी उम्मीदवार बन गई है राज्य में सरकार बनाने की दिशा में.
अब इन सब आंकड़ों के बीच जो नाम सबकी जुबान में चढ़ा हुआ है, वह है जोसेफ विजय का. उन्हें साउथ पट्टी खासकर तमिलनाडु में तो सभी जानते हैं, मगर नार्थ इंडिया में उन्हें बस एक कलाकार के रूप में जाना जाता है. अब लोगों में उनके बारे में जानने की जिज्ञासा पैदा हो गई है, की आखिर थालापति विजय एक कलाकार के अलावा हैं क्या कि उन्हें लोगों ने इतना प्यार दिखाया. आइए जानते हैं थालापति विजय के बारे में –
विजय का बचपन
जोसेफ विजय चंद्रशेखर का जन्म 22 जून 1974 को हुआ. उनकी परवरिश फ़िल्म निर्माता एवं निर्देशक एस.ए. चंद्रशेखर और शास्त्रीय तथा पार्श्व गायिका शोभा चंद्रशेखर के घर हुई. उनकी एक बहन भी थी जिनका नाम विद्या चंद्रशेखर था, जिनका दो साल की उम्र में ही निधन हो गया. विजय ने अपनी स्कूली शिक्षा चेन्नई में विरुगाम्बक्कम के बाललोक में और दृश्य संचार का कोर्स लोयोला कॉलेज, चेन्नई में किया
अब लाखों लोग जानना चाहते हैं कि तमिलनाडु की राजनीति में करिश्मा करने वाले विजय आखिर कितने पढ़े लिखे हैं, इन्होंने कहां से पढ़ाई की है. आपको यह जानकार हैरानी होगी कि विजय कॉलेज ड्रॉपआउट स्टूडेंट रहे हैं. उन्होंने एक्टिंग की फील्ड चुनने के दौरान अपनी पढ़ाई को अधूरा ही छोड़ दिया जो वे कभी पूरी नहीं कर सके.
हालांकि, उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई चेन्नई के स्कूल से हुई थी. इसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई के लिए लोयोला कॉलेज में बीए कोर्स में दाखिला लिया. लेकिन उनका मन पढ़ाई में न लगकर एक्टिंग में था जिसके चलते उन्होंने पढ़ाई छोड़कर पूरी तरह एक्टिंग को अपना करियर बनाया.
फिल्मों का सफ़र
विजय को शुरुआत से यह समझ आ गया था कि उन्हें फिल्मों में काम करना है, एक्टिंग में नाम कमाना है, जिस चलते उन्होंने फिल्मों का रूख किया. विजय ने अपने पिता द्वारा निर्मित, सन 1992 में बनी फ़िल्म नालया थीरपू में एक मुख्य अभिनेता के रूप में अपने अभिनय कैरियर की शुरुआत की. कुछ अन्य फ़िल्मों के बाद, सेंढूरापंदी फ़िल्म में उन्होंने विजयाकंथ के साथ काम किया৷ इस फ़िल्म ने विजय को तमिलनाडु के आंतरिक क्षेत्रों में लोकप्रिय बना दिया.
विजय को अपनी पहली सफल फ़िल्म सन् 1996 में बनी विक्रमन निर्देशित फ़िल्म पूवे उनक्कागा के रूप में मिली जिसने विजय को तमिल फ़िल्मों में एक उभरते हुए स्टार के रूप में स्थापित करने में काफी मदद की. हालांकि बीच में एक ऐसा दौर भी आया जब उनके फ़िल्मी करियर में काफी उठापटक हुए. इसमें कई फ़िल्में असफल भी रहीं. मगर बीते 10 सालों में विजय ने बहुत सी ब्लाकबस्टर फ़िल्में दीं जिसके चलते उन्हें थालापति की उपाधि मिली. इन फिल्मों में लीओ 2023, लोकेश कनगराज द्वारा निर्देशित एक एक्शन थ्रिलर वारिसु 2023, एक पारिवारिक ड्रामा बीस्ट 2022, एक एक्शन कॉमेडी मास्टर 2021 जैसी फ़िल्में शामिल हैं.
चुनाव लड़ने से पहले एक्टिंग को भी कह दिया अलविदा
हालांकि थालापति विजय का फ़िल्मी कैरियर सफल था. मगर उन्होंने अपने कैरियर को 180 डिग्री स्विच तब किया जब 2024 में TVK नाम की पार्टी को फॉर्म किया. तमिलनाडु चुनाव में उतरने से पहले ही थलपति विजय ने अपने 33 साल के एक्टिंग करियर को अलविदा कह दिया है. उन्होंने कहा कि मैं अगर राजनीति में उतर रहा हूं तो मुझे इस पर पूरा फोकस करना होगा. उनके इसी फोकस और डेडिकेशन ने उन्हें आज तमिलनाडु राज्य की राजनीति का केंद्र बिंदु बना दिया है.
यह भी पढ़ें – तमिलनाडु में Vijay की जीत, लेकिन बहुमत से 10 कदम दूर, क्या सरकार बनाने में Congress देगी साथ?


Download Android App
Download iOS App




