तेहरान/वाशिंगटन, 5 मई (आईएएनएस)। खाड़ी क्षेत्र के संवेदनशील स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को निशाने पर लिया है। आरोप लगाया है कि उसके हमले में पांच नागरिकों की मौत हो गई है, जिससे दोनों देशों के बीच हाल ही में हुआ संघर्ष विराम खतरे में पड़ता नजर आ रहा है।
ईरान के अनुसार, अमेरिकी बलों ने उन यात्री नौकाओं को निशाना बनाया, जो ओमान के खासाब तट से ईरान की ओर जा रही थीं। ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने एक अज्ञात सैन्य कमांडर के हवाले से बताया कि इन हमलों में दो छोटी नावें पूरी तरह नष्ट हो गईं और उनमें सवार पांच आम नागरिकों की मौत हो गई।
ईरान ने इस घटना को “अपराध” करार देते हुए अमेरिका को इसके लिए जवाबदेह ठहराने की मांग की है। तेहरान ने कहा कि इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है और शुरुआती जांच में यह पाया गया है कि हमला इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नावों पर नहीं, बल्कि आम लोगों को ले जा रही नौकाओं पर हुआ।
वहीं, अमेरिकी पक्ष का दावा इससे बिल्कुल अलग है। अमेरिकी एडमिरल ब्रैड कूपर ने इससे पहले कहा था कि सेंट्रल कमांड की कार्रवाई में आईआरजीसी की छह नौकाओं को डुबो दिया गया, जो अमेरिकी मिशन में बाधा डालने की कोशिश कर रही थीं। यह मिशन होर्मुज में फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चलाया गया था, जिसे “प्रोजेक्ट फ्रीडम” नाम दिया गया है।
अमेरिका का तर्क है कि उसकी कार्रवाई आत्मरक्षा और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी। हालांकि, ईरान के आरोपों पर अमेरिकी सेना की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
यह घटना 8 अप्रैल को हुए अस्थायी संघर्ष विराम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है।
होर्मुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल का परिवहन होता है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल कीमतों पर भी असर डाल सकता है।
–आईएएनएस
केआर/
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