भारत से और ब्रह्मोस मिसाइलें खरीदने की तैयारी में फिलीपींस, कुछ बदलाव की मांग भी की : र‍िपोर्ट

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नई दिल्ली, 8 नवंबर (आईएएनएस)। फिलीपींस भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की अतिरिक्त खरीद पर विचार कर रहा है। साथ ही उसने मिसाइल प्रणाली में कुछ बदलाव सुझाए हैं, ताकि इसे देश की भौगोलिक परिस्थितियों और सैन्य जरूरतों के मुताबिक और बेहतर बनाया जा सके। फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टेओडोरो ने चार नवंबर को आयोजित थर्ड दिल्ली डिफेंस डायलॉग में यह बात कही। ‘यूरेशियन टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, “हम अपने पास मौजूद ब्रह्मोस यूनिट्स की संख्या बढ़ाना चाहते हैं। हमने भारतीय अधिकारियों को अपनी एक इच्छा सूची भी दी है, ताकि ब्रह्मोस को फिलीपींस के…

नई दिल्ली, 8 नवंबर (आईएएनएस)। फिलीपींस भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की अतिरिक्त खरीद पर विचार कर रहा है। साथ ही उसने मिसाइल प्रणाली में कुछ बदलाव सुझाए हैं, ताकि इसे देश की भौगोलिक परिस्थितियों और सैन्य जरूरतों के मुताबिक और बेहतर बनाया जा सके। फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टेओडोरो ने चार नवंबर को आयोजित थर्ड दिल्ली डिफेंस डायलॉग में यह बात कही।

‘यूरेशियन टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, “हम अपने पास मौजूद ब्रह्मोस यूनिट्स की संख्या बढ़ाना चाहते हैं। हमने भारतीय अधिकारियों को अपनी एक इच्छा सूची भी दी है, ताकि ब्रह्मोस को फिलीपींस के वातावरण और जरूरतों के अनुरूप और बेहतर बनाया जा सके।”

रिपोर्ट के अनुसार, फिलीपींस करीब पांच अतिरिक्त ब्रह्मोस सिस्टम या कुल मिलाकर लगभग 60 मिसाइलें खरीद सकता है। इस संभावित सौदे की कीमत 700 से 800 मिलियन डॉलर के बीच हो सकती है। इससे पहले, 2022 में मनीला ने अपनी नौसेना के लिए तट-आधारित एंटी-शिप ब्रह्मोस मिसाइल की तीन बैटरियों की खरीद के लिए भारत के साथ 375 मिलियन डॉलर का समझौता किया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस खरीद का मुख्य उद्देश्य चीन को रोकने की क्षमता बढ़ाना था, क्योंकि चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है।

‘यूरेशियन टाइम्स’ के अनुसार, फिलीपींस अब ब्रह्मोस को सिर्फ एक अलग सैन्य हथियार के रूप में नहीं देख रहा है, बल्कि इसे अपने व्यापक तटीय रक्षा और लंबी दूरी की हमले की रणनीति का अहम हिस्सा बना रहा है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस साल अमेरिकी और फिलीपीनी मरीन बलों ने संयुक्त समुद्री हमले का अभ्यास किया था। इस दौरान ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइलों के इस्तेमाल का अभ्यास किया गया और ड्रोन तथा जमीन से दागी जाने वाली मिसाइलों की मदद से समुद्री लक्ष्यों को निशाना बनाने की रणनीति पर काम किया गया।

फिलीपींस सरकार ने पश्चिमी लुजोन के तट पर स्थित फिलीपीन नेवल स्टेशन लियोविजिल्डो गांतिओकी, जाम्बालेस में ब्रह्मोस के लिए एक विशेष सैन्य ठिकाना भी तैयार किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि सैन्य ताकत के मामले में फिलीपींस चीन से कमजोर माना जाता है, लेकिन ब्रह्मोस मिसाइल उसे ऐसी क्षमता देती है जो दुश्मन की पहुंच को सीमित करने और उसके संचालन को मुश्किल बनाने में मदद कर सकती है।

ब्रह्मोस एक तेज गति वाली, सटीक और लंबी दूरी तक मार करने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च किया जा सकता है। इसका लिक्विड-फ्यूल रैमजेट इंजन इसे लगभग मैक 3 की रफ्तार देता है, जो ध्वनि की गति से तीन गुना से भी ज्यादा है।

रिपोर्ट के अनुसार, इसकी जमीन के नजदीक उड़ान भरने की क्षमता, कम रडार पहचान और बेहद अधिक गतिज ऊर्जा के कारण इसे रोकना काफी मुश्किल माना जाता है।

फिलीपींस के पूर्व रक्षा मंत्री डेल्फिन लोरेनजाना ने पहले कहा था कि ये मिसाइलें पश्चिमी फिलीपीन सागर में देश की संप्रभुता और अधिकारों को चुनौती देने की किसी भी कोशिश के खिलाफ मजबूत निवारक साबित होंगी। वहीं, रक्षा मंत्री थियोडोरो भी कई मौकों पर ब्रह्मोस को समुद्री सुरक्षा के लिए ‘गेम-चेंजर’ बता चुके हैं।

–आईएएनएस

एवाई/एबीएम

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IANS Agency

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