तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) की सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) ने अपनी पार्टी के ट्विटर हैंडल को अनफॉलो कर दिया है। हाल ही में सांसद ने मां काली को लेकर टिप्पणी की थी, इस कारण टीएमसी ने उनके बयान से दूरी बना ली थी। बता दें कि महुआ मोइत्रा ने ट्विटर पर महज टीएमसी को अनफॉलो किया है, वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अब भी फॉलो कर रही हैं। देश में डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है, दरअसल इस फिल्म के पोस्टर को हिंदू समुदाय ने मां काली का अपमान बताया है।
‘काली’ डॉक्यूमेंट्री के पोस्टर पर छिड़ा विवाद
इस फिल्म के पोस्टर में मां काली को सिगरेट पीते हुए साथ ही उनके हाथों में एलजीबीटी समुदाय का सतरंगा झंडा भी दिखाया गया है। फिल्ममेकर लीना मणिमेकलई की इस डॉक्यूमेंट्री पर महुआ मोइत्रा ने एक मीडिया चैनल के साथ अपने विचार सांझा किए थे। मोइत्रा ने कहा था कि “आप अपने भगवन को कैसे देखते हैं? भारत में ही अगर आप सिक्किम जाओगे तो वहां पर सुबह की पूजा में भगवान को व्हिस्की चढ़ाई जाती है। लेकिन अगर इसी व्हिस्की को आप उत्तर प्रदेश में किसी को प्रसाद के नाम पर दिया जाए तो वहां के लोगों की भावनाएं आहात हो जाएंगी।
तृणमूल कांग्रेस ने महुआ मोइत्रा के बयान से किया किनारा
वहीं सांसद महुआ मोइत्रा के इस बयान को लेकर बढ़ते विवाद को देखते हुए तृणमूल कांग्रेस ने उनकी टिप्पणी का विरोध करते हुए किनारा कर लिया है, पार्टी ने बयान जारी कर कहा कि देवी काली पर की गयी टिप्पणी मोइत्रा के अपने विचार हैं। उनके बयान का पार्टी समर्थन नहीं करती है, उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस इस तरह के बयानों कि निंदा करती है।
महुआ मोइत्रा ने अपने बयान पर दी सफाई
इस पर महुआ मोइत्रा ने भी सफाई देते हुए कहा कि आप सभी संघियों के लिए झूठ बोलना आपको बेहतर हिंदू नहीं बना देगा। उन्होंने कहा कि मैंने कभी भी किसी पोस्टर का समर्थन नहीं किया और ना ही कभी धूम्रपान को लेकर कुछ भी कहा है। उन्होंने कहा कि आप तारापीठ में मां काली के दर्शन करने जाइये, वहां जाकर देखिये कि मां को भोग में क्या चढ़ाया जाता है। जय मां तारा।


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