कासगंज हिंसा : ‘मृत’ घोषित कर दिया गया राहुल उपाध्याय बोला- मैं जिंदा हूं`

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गणतंत्र दिवस पर कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हिंसा में चंदन गुप्ता की मौत के दौरान सोशल मीडिया पर मौत की खबर को आज राहुल उपाध्याय ने खारिज कर दिया। कासगंज में पुलिस के साथ बैठक के बाद राहुल उपाध्याय ने कहा, मैं जिन्दा हूं, सोशल मीडिया पर मौत की अफवाह फैली थी। कासगंज हिंसा के दौरान सोशल मीडिया पर राहुल उपाध्याय के मारे जाने की अफवाह फैली थी। आश्चर्य की बात है कि सोशल मीडिया पर उड़ी अफवाहों के चलते कई जगह चंदन गुप्ता के साथ लोगों ने राहुल उपाध्याय को भी श्रद्धांजलि दे डाली।

वही राहुल उपाध्याय ने खुद इस बात का खंडन किया है और कहा है कि वे सुरक्षित हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर निकाली जा रही तिरंगा यात्रा के दौरान कासगंज में भड़की हिंसा में चंदन गुप्ता की मौत हो गई। वहीं राहुल उपाध्याय के मौत की खबर भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। आज राहुल उपाध्याय ने खुद मीडिया के सामने आकर अपने जिंदा होने के सबूत पेश किए और मौत की खबरों को अफवाह बताया। राहुल का कहना है कि उसे नहीं मालूम है कि उसका फोटो कहां से लिया गया।

आपको बता दे कि सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल हुई है कि कासगंज हिंसा के बाद घायल राहुल ने अलीगढ़ के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। बीते तीन दिन से पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी इस बात से परेशान थे। वे बार-बार राहुल नामक किसी आदमी के मारे जाने की खबरों का खंडन कर रहे थे लेकिन उनके पास राहुल के मौजूद होने के कोई साक्ष्य नहीं थे। आईजी रेंज अलीगढ़ संजीव गुप्ता ने बताया कि अभी तक हम यह पता नहीं कर पाए हैं कि राहुल के मारे जाने की खबर सोशल मीडिया पर कैसे और किसने फैलाई। लेकिन हमने चार ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो अफवाह फैलाकर यहां का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

राहुल के शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं हैं और वह बिल्कुल ठीक हैं। इसके चलते अलीगढ़ के अस्पताल में उसके भर्ती होने का दावा भी गलत निकला। एडीजी जोन आगरा अजय आनंद, आईजी रेंज अलीगढ़ संजीव गुप्ता और अलीगढ़ कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा ने सोमवार को महिला कोतवाली में राहुल से काफी देर तक पूछताछ की। इस बात की भी पुष्टि की गई कि कहीं राहुल घटना वाले दिन मौके पर मौजूद तो नहीं था।

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Desk Team