तेदेपा अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार रात भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें लगा कि राजग के साथ आगे बढ़ना निरर्थक है क्योंकि केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 को अक्षरश: लागू करने की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने में असफल हो गई।
उन्होंने जिक्र किया कि राज्यसभा में दिए गए आश्वासन और अधिनियम के ज्यादातर महत्वपूर्ण प्रावधानों पर प्रक्रिया बहुत सुस्त, असंतोषजनक और निराशाजनक ढंग से चल रही थी। अपने चार पन्नों के पत्र में तेदेपा प्रमुख ने हालांकि भाजपा और अन्य पार्टियों (वाईएसआर कांग्रेस और जनसेना) के बीच साठगांठ का जिक्र नहीं किया जिसके बारे में उन्होंने सुबह में पार्टी पोलितब्यूरो सदस्यों और सांसद के साथ टेलिकॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया था।
उन्होंने कहा, ”आज हमारे राज्य में एक विश्वास तेजी से मजबूत हो रहा है कि भाजपा हमारे लोगों की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील नहीं है।” उन्होंने कहा, ”हमें लगता है कि इसके (भाजपा के) नेतृत्व वाली सरकार तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा राज्यसभा में दिए गए आश्वासन और आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम को अक्षरश: लागू करने को इच्छुक नहीं है।”
तेदेपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन में इस उम्मीद में शामिल हुई थी कि राज्य के साथ उचित व्यवहार किया जाएगा और लोगों को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा, ”गठबंधन में हमारे रहने से जब वह मकसद पूरा नहीं होता तो हमें लगता है कि इसे जारी रखना निरर्थक है।”
अधिक जानकारियों के लिए बने रहिये पंजाब केसरी के साथ।


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