पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में एक बीजेपी वर्कर की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मानें तो शनिवार की सुबह हाईटेंशन पोल से लटके मिले 30 वर्षीय दुलाल कुमार ने आत्महत्या की थी। फिर भी बीजेपी ने पुलिस के इस दावे को खारिज करते हुए हत्या का आरोप दोहराया है। पार्टी का दावा है कि मृतक उसका कार्यकर्ता था। बीजेपी ने यह आरोप भी लगाया है कि दुलाल कुमार की मौत एक राजनीतिक हत्या है। गौरतलब है कि इस घटना से ठीक पहले एक अन्य व्यक्ति का शव बलरामपुर जिले में 30 मई को एक पेड़ से लटका मिला था।
बीजेपी ने 18 वर्षीय त्रिलोचन महतो नाम के इस व्यक्ति को पार्टी की युवा शाखा का सदस्य बताया था। राज्य सरकार ने महतो की मौत की सीआईडी जांच का आदेश दिया था। तो वहीं, बीजेपी इन घटनाओं को राजनीतिक हत्या बताते हुए इनकी सीबीआई जांच की मांग कर रही है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर अपने कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए बीजेपी ने आज बंगाल में दिन भर का बंद बुलाया था। ममता बनर्जी सरकार ने दोनों मौतों की जांच CID को सौंप दी है।
इस बीच राजनीतिक दबाव के चलते राज्य सरकार को पुरुलिया के SP जॉय विश्वास को हटाना पड़ा। आकाश मघारिया ने एक दिन पहले ही शनिवार को पुरुलिया के SP का कार्यभार संभाला। बंगाल में हुई इन दो मौतों का मामला केंद्र तक चला गया और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधने का मौका नहीं गंवाया। शाह ने शनिवार को कहा कि ममता बनर्जी की सरकार राज्य में कानून व्यवस्था को बनाए रखने में पूरी तरह असफल रही है।
इस बीच दुलाल कुमार के भाई ने भी दावा किया कि 30 मई को कुछ बाइक सवारों ने दुलाल को रोककर उससे पूछा था कि वह किस पार्टी के लिए काम करता है। जब दुलाल कुमार ने उन्हें बताया कि वह बीजेपी कार्यकर्ता है तो बाइक सवारों ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी।
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