महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने सोमवार को यानी आज कहा कि राज्य सरकार ने 15 से 18 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों का कोविड-19 रोधी टीकाकरण शुरू करने के लिए केंद्र सरकार को बधाई दी। साथ ही उन्होंने 12 से 15 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों के लिए भी टीकाकरण शुरू करने का अनुरोध किया। जालना में 15 से 18 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों के लिए टीकाकरण कार्यक्रम का आरंभ करने के बाद टोपे ने पत्रकारों से कहा कि केन्द्र सरकार को विदेश से आने वालों की जांच संबंधी नीति पर एक बार फिर विचार करना चाहिए।
12-15 वर्ष के बच्चों के लिए भी हो टीकाकरण की शुरुआत
मंत्री ने कहा, ‘‘ओमीक्रॉन स्वरूप अब हर देश में फैल गया है और उच्च जोखिम तथा कम जोखिम वाले देशों का अब कोई मुद्दा ही नहीं रहा। केन्द्र सरकार को इस मुद्दे पर मार्गदर्शन करना चाहिए, क्योंकि यह नीति उसने ही बनाई है।’’ टोपे ने कहा, ‘‘ हमने 15 से 18 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों का कोविड-19 रोधी टीकाकरण शुरू करने के लिए केन्द्र सरकार को बधाई दी है, लेकिन साथ ही संक्रमण से निपटने के लिए कुछ मांगें भी की हैं। हमने केन्द्र सरकार से, 12 से 15 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों के लिए भी टीकाकरण शुरू करने का अनुरोध किया।’’
सस्ती कीमतों पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए कोरोना वैक्सीन
उन्होंने कहा, ‘‘हमें आवश्यक एवं स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों, किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित (60 वर्ष से अधिक आयु के) लोगों को ‘बूस्टर’ खुराक देने के लिए ‘कोविशील्ड’ की 40 लाख खुराक और ‘कोवैक्सीन’ की 50 लाख खुराक की भी जरूरत है।’’ उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के ‘ओमीक्रॉन’ और ‘डेल्टा’ स्वरूप के बीच का अंतर पता लगाने के लिए उपयोग की जाने वाली जांच किट भी सस्ती कीमतों पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। मंत्री ने केन्द्र से कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए एक मानक प्रोटोकॉल की भी मांग की।


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