लाउडस्पीकर को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे द्वारा राज्य के महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार को दिए अल्टीमेटम का आज आखिरी दिन है। इसी कड़ी में ठाकरे ने अपने ब्यान को एक बार फिर दोहराते हुए कहा कि जहां मस्जिदों से लाउडस्पीकर नहीं उतारे जाएंगे, वहां दोगुनी आवाज में हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि यह मामला धार्मिक नहीं है बल्कि सामाजिक है, लेकिन अगर इसे धार्मिक रूप देने की कोशिश की जाएगी तो हम उन्हें उनके अंदाज में जवाब देंगे। ठाकरे ने कहा, हम इस मुद्दे पर शांति से बात करना चाहते हैं लेकिन राज्य सरकार हमारी इस बात को समझ नहीं रही है।
SC के निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा, ‘सरकार को हमारे लोगों को गिरफ्तार करके क्या मिला?’ उन्होंने कहा, मई यह नहीं कहता की आप मस्जिदों में नमाज मत पढ़िए या अजान मत करिए। मेरा विरोध बस लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर है, मैं बस यह कहना चाहता हूं कि सरकार को लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मैंने सरकार से 4 मई तक मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की अपील की थी, लेकिन अगर फिर भी लाउडस्पीकर में अजान हुई तो हनुमान चालीसा भी चलाई जाएगी।

‘प्रार्थना या अजान’ के खिलाफ नहीं हूं :राज ठाकरे
राज ठाकरे ने बताया मुंबई में 1400 मस्जिदें हैं जिनमे से 135 पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार लाउडस्पीकर में अजान करने पर रोक लगाई गई है। इसके बावजूद अदालत के निर्देशों का उल्लंघन करने पर इन मस्जिदों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्होंने कहा मुंबई में 90% मस्जिदों ने हमारी बात मानी और लोउद्स्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा हम यह आंदोलन जारी रखेंगे, यह कोई एक दिन की बात नहीं है, मैं प्रार्थना या अजान के खिलाफ नहीं हूं। आप त्योहारों पर अनुमति लेकर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर सकते हैं।


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