कांग्रेस नेता राहुल गांधी मानहानि के एक मामले में सूरत की अदालत में पेश हुए। जहां उन्होंने सुनवाई के दौरान हाजिर न होने की याचिका दाखिल की। इसके बाद कोर्ट ने 10 दिसंबर की अगली तारीख तय करते हुए आज की कार्यवाही खत्म कर दी। यह मामला राहुल की कथित टिप्पणी ‘सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों होता है’ से जुड़ा है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बी एच कपाड़िया ने मई में राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किए थे। यह समन स्थानीय भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी की ओर से राहुल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद जारी किए गए थे।
जुलाई में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने राहुल को सुनवाई में निजी तौर पर पेश होने से छूट दी थी और अगली सुनवाई की तारीख 10 अक्टूबर नियत की थी। सूरत पश्चिम विधानसभा सीट से भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने अपनी शिकायत में कहा था कि कांग्रेस नेता ने लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी टिप्पणी से पूरे मोदी समुदाय की मानहानि की है। यह वाद विचारार्थ स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा था कि वयनाड से सांसद के खिलाफ प्रथम दृष्टया आपराधिक मानहानि का मामला बनता है।
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कर्नाटक में 13 अप्रैल को कोलार में अपनी एक प्रचार रैली के दौरान राहुल ने कथित तौर पर कहा था ‘‘नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी…. आखिर इन सभी का उपनाम मोदी क्यों है ? सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों होता है ?’’ शिकायत में पूर्णेश मोदी ने कहा था कि कांग्रेस नेता ने अपनी इस टिप्पणी से पूरे मोदी समुदाय की मानहानि की है।
गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने मंगलवार को राहुल गांधी के दौरे के संबंध में स्थानीय पार्टी नेताओं के साथ एक बैठक की थी। वयनाड से सांसद राहुल को आरएसएस/भाजपा कार्यकर्ताओं की तरफ से उनके खिलाफ दायर इसी तरह के एक अन्य मामले में शुक्रवार को अहमदाबाद में चल रही अदालती सुनवाई में भी शामिल होना है।


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