पटना : राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी जलन के शिकार हैं। तेजस्वी जिस बंगला में रह रहे हैं उसमें नहीं रह पायें, इसके लिए उनको उपमुख्यमंत्री के बंगले के रूप में कर्णाकिंत कर दिया गया। जबकि इसके पहले सुशील मोदी 2005 से 2013 तक लगातार उपमुख्यमंत्री रहे। लेकिन उस काल में कभी मुख्यमंत्री की तरह उपमुख्यमंत्री के नाम पर किसी खास बंगले को कर्णाकिंग करने की जरूरत महसूस नहीं की गयी थी।
आज भी उपमुख्यंमत्री उसी बंगले में विराजमान हैं जहां पूर्व में वि राजरामान थे। सिर्फ तेजस्वी को अपमानित करने केलिए यह सारा ड्रामा किया जा रहा है। श्री तिवारी ने बताया कि तेजस्वी को विरोधी दल के नेता के रूप में मंत्री का दर्जा प्राप्त है जिस बंगले में वे हैं, वहां प्रारंभ से मंत्री के रूप में रहते आये हैं। पहली बार जान-बुझकर उसे उपमुख्यमंत्री के बंगला के रूप में घोषित कियागया ताकि वहां से तेजस्वी को बेदखल किया जा सके।
तेजस्वी का यह बंगला राबड़ी जी के आवास के बगल में है। इसलिए सुविधा के ख्याल से तेजस्वी उसमें रहना चाहते हैं। सरकारी बंगला के आवंटन मामले में नियम कायदा का धज्जी उड़ाने वाली दूसरी सरकार बिहार में कभी नहीं बनी है। देश में नीतीश कुमार अकेले मुख्यमंत्री हैं जो एक साथ दोबंगले का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक वर्तमान मुख्यमंत्री का तो दूसरा भूतपूर्व मुख्यमंत्री का। सरकारी जानकारी केअनुसार भूतपूर्व मुख्यमंत्री वाला बंगला पर तो 12 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किया गया है। नीतीश जी के खासम-खास आरसीपी सिंह को किस हैसियत से मंत्री वाली कोठी मिली हुई है। पार्टी अध्यक्ष सरकारी बंगले में कैसे निवास कर रहे हैं इसलिए तेजस्वी का बंगला खाली कराने के पीछे नियम कायदा नहीं बल्कि जलन काम कर रहा है।


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