सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की विपक्ष की मांग खारिज कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री तमांग ने कहा कि राज्य का प्रत्येक नागरिक स्वतंत्र रूप से जीवनयापन कर रहा है, ऐसे में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग क्यों की जा रही है।
सिक्किम की गंगटोक, मार्टम रुमटेक और पोकलोक कामरांग विधानसभा सीटों पर 21 अक्टूबर को उपचुनाव होने वाले हैं। मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री दोनों ही विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग ब्लॉक में प्रचार कर रहे हैं। पवन चामलिंग ने दक्षिणी सिक्किम में हिंसा का हवाला देते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि बाहरी लोग नकाब पहनकर हमला कर रहे हैं जिसमें उनकी खुद की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हुई है, यह क्षेत्र युद्ध के मैदान जैसा प्रतीत हो रहा है, केंद्र सरकार को इसमें दखल देना चाहिए। पवन चामलिंग ने मुख्यमंत्री पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा कि सिक्किम में लोकतंत्र की हत्या हो रही है इसलिए इसे बचाने के लिए राष्ट्रपति शासन लागू करने और उसके बाद मध्यावधि चुनाव कराने की जरुरत है।
मुख्यमंत्री तमांग सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार एस टी वेचुंगपा के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने 25 वर्षों तक शासन करने वाले नेता को ‘वापस जाओ’ कह दिया है। राज्य की मौजूदा स्थिति सामान्य है इसलिए राष्ट्रपति शासन की कोई जरूरत नहीं है।


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