वानखेड़े के पिता ध्यानदेव ने मलिक पर ठोका मानहानि का केस, NCP नेता से की 1.25 करोड़ के मुआवजे की मांग

Summary :

समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव काचरूजी वानखेड़े ने बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।

समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव काचरूजी वानखेड़े ने बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। बता दें कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की मुंबई इकाई के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पिछले महीने से ही एनसीपी नेता मलिक के निशाने पर हैं। वानखेड़े के वकील अरशद शेख ने कोर्ट में कहा कि मलिक वानखेड़े परिवार पर “धोखाधड़ी और उनकी धार्मिक मान्यताओं पर सवाल उठाते हुए कहते रहे हैं कि वे हिंदू नहीं हैं”। 
समीर के पिता ध्यानदेव कोर्ट से चाहते हैं स्थायी निषेधाज्ञा
समीर वानखेड़े के वकील अर्शद शेख ने कहा, मलिक वानखेड़े के परिवार को फ्रॉड कह रहे हैं और उनके धर्म पर सवाल उठाते हुए कह रहे हैं कि वे हिंदू नहीं हैं। मलिक रोजाना पूरे परिवार को फ्रॉड कह रहे हैं वे उनकी बेटी यास्मीन के करियर को भी बर्बाद कर रहे हैं, जो क्रिमनल लॉयर है और नारकोटिक्स केस में वकालत नहीं करती। बता दें कि समीर के पिता ध्यानदेव नवाब मलिक द्वारा उनके और उनके परिवार के सदस्यों के बारे में मीडिया में प्रकाशित करने, लिखने या बोलने से रोकने के लिए एक स्थायी निषेधाज्ञा चाहते हैं।
ध्यानदेव ने मानहानि केस में हाई कोर्ट से की यह मांग 
समीर के पिता ध्यानदेव द्वारा दर्ज कराए गए  मानहानि केस में कहा गया है कि मलिक ने पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर वादी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम, चरित्र, प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। ध्यानदेव की मांग है कि मलिक, उनकी पार्टी के नेताओं और अन्य सभी को उनके और उनके परिवार के खिलाफ मीडिया में कुछ भी आपत्तिजनक, मानहानिकारक सामग्री लिखने, बोलने या प्रकाशित करने पर रोक लगाए। 
अंतरिम राहत के रूप में, ध्यानदेव इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया सहित लेखों, ट्वीट्स, साक्षात्कारों को हटाने की भी मांग करते हैं। इसके अलावा, लंबित सुनवाई और मुकदमे का अंतिम निपटान, एक अस्थायी निषेधाज्ञा मलिक को “किसी भी मीडिया में प्रकाशित करने, लिखने और बोलने से” रोकती है।
ध्यानदेव ने की 1.25 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग 
वाद में आगे कहा गया है कि वानखेड़े के खिलाफ यह पूरी कार्रवाई मलिक के दामाद समीर खान को इस साल जनवरी में मादक पदार्थों के व्यापार के आरोप में ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद ही शुरू हुई थी। खान को सितंबर में जमानत दी गई थी और तब से मलिक लगभग हर रोज अपने सोशल मीडिया हैंडल से बोल रहे हैं या इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे हैं। बता दें कि ध्यानदेव ने वानखेड़े परिवार के खिलाफ यह हमला जारी रखने के लिए मलिक से 1.25 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है। वानखेड़े ने छुट्टी के दौरान अदालत का रुख किया और सोमवार को मुकदमे की सुनवाई होगी।
मानहानि केस के बावजूद मलिक आज करेंगे मिडिया को संबोधित 
वाद दायर करने के बावजूद मलिक रविवार सुबह यानी आज एक मीडिया सभा को संबोधित करेंगे। हालांकि यह पहला मानहानि का मुकदमा नहीं है जो मलिक के खिलाफ दायर किया गया है, इससे पहले भाजपा नेता मोहित कंबोज ने भी मलिक के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में 100 करोड़ का मानहानि का मुकदमा दायर किया था। मलिक ने हालांकि कहा कि वह इन मुकदमों से परेशान नहीं होंगे और एनसीबी अधिकारी वानखेड़े के ‘अन्याय’ के खिलाफ बोलना जारी रखेंगे।

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