भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उपाध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता दबाव बनाकर सरकार से अपने कार्य करवा रहे हैं। शिवराज चौहान ने मीडिया से चर्चा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ‘डराओ और काम करवाओ’ की नीति पर चलकर मुख्यमंत्री कमलनाथ से कार्य करवा रहे हैं। उनसे वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के हाल के बयानों के संबंध में पूछा गया था।
शिवराज चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के संबंध में कहा कि जब लगा कि सुनवाई कम हो गई, तो गाय के फोटो खींचे और ट्वीट कर दिए। और जब काम हो गया, तो कहने लगे हैं अच्छे हैं। ये खेल चल रहा है मध्यप्रदेश में। इसी तरह कांग्रेस के नेता ही नहीं, मंत्री भी आरोप लगा रहे हैं कि बिना लिए दिए कुछ नहीं होता है।
शिवराज ने कहा कि कभी कल्पना भी नहीं की थी, कि ऐसी सरकार राज्य में आएगी, जिसमें शामिल लोग ही आरोप लगाएंगे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में बाढ़ पीड़ित को भी पैसा नहीं दिया गया। किसान मौत को गले लगाने मजबूर हैं। उनकी फसलें चौपट हो गई। अब सरकार कह रही है कि किसानों को फसल बीमा का पैसा मिलेगा, तो सरकार राहत का पैसा नहीं देगी। सरकार यह ठीक नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि यदि वे (चौहान) मुख्यमंत्री होते तो बाढ़ पीड़ित के खाते में अभी तक पैसा पहुंच गया होता। शिवराज चौहान ने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं का लाभ ही हितग्राहियों को देना बंद कर दिया है। विद्यार्थियों की फीस नहीं भरी जा रही है। बिजली के बिल बढ़कर दिए जा रहे हैं।
एक अन्य सवाल के जवाब में चौहान ने कहा कि राज्य सरकार को अतिथि विद्वानों को नियमित करना चाहिए। उसने अपने वचनपत्र में जो बात कही है, उसे पूरा करना चाहिए। अतिथि विद्वानों के सहारे ही महाविद्यालय चल रहे हैं।


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