महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने बृहस्पतिवार को कहा कि निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे द्वारा एक पत्र में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं और वह न वाजे से कभी मिले हैं और न बात की है।
पवार ने कहा कि चीजों को स्पष्ट करने के लिए आरोपों की जांच होनी चाहिए।
पवार ने संवाददाताओं से कहा, “जब मैंने पत्र में अपना नाम देखा तो मुझे हंसी आई। मैं कभी वाजे से नहीं मिला और न कभी उससे बात की। सभी को मेरी कार्यशैली के बारे में जानकारी है… इसलिए आप जांच करवा लीजिये।”
उन्होंने कहा कि पत्र में लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं।
उन्होंने कहा, “जांच करवानी चाहिए जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।”
वाजे ने अपने पत्र में दावा किया था कि दर्शन घोड़ावत नामक व्यक्ति उससे मिला था और उसने खुद को अजित पवार का “बेहद नजदीकी” व्यक्ति बताया था।
वाजे के अनुसार घोड़ावत ने वाजे से गुटखा बेचने वालों से सौ करोड़ की उगाही करने को कहा।


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