मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (केएनपी) में नामीबियाई मादा चीता सियाया (ज्वाला) से पैदा हुए चार शावकों में से एक की मौत हो गई है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने मीडिया को बताया, हमारी टीम दो महीने की मादा शावक की मौत के सही कारण का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
इससे पहले दक्षिण अफ्रीका से भारत लाए गए साशा और उदय नाम के दो चीतों की क्रमश: मार्च और अप्रैल में मौत हो गई थी, जबकि दक्ष नामक तीसरे चीते की मौत नौ मई को हुई थी। नामीबिया की मादा चीता सियाया को बाद में प्रोजेक्ट चीता की नोडल एजेंसी भारतीय राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने ज्वाला नाम दिया। ज्वाला ने इस साल मार्च में केएनपी में चार शावकों को जन्म दिया था।
मार्च में पहले नामीबियाई चीता की मौत के एक सप्ताह के भीतर चार शावकों ने जन्म लिया, जिनमें से एक मादा शाक की मौत हो गई। इस साल मार्च के बाद से केएनपी में मरने वाली यह चौथी चीता थी। कुल 20 चीते दो चरणों में भारत लाए गए। 17 सितंबर, 2022 को नामीबिया से आठ चीते और 18 फरवरी, 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए।


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