महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को निजी डॉक्टरों, खासतौर पर परिवारिक डॉक्टरों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि वे अपने मरीजों में संक्रमण का पता शुरुआती दौर में ही लगाने और समय से इलाज कराने में मदद कर सकते हैं। पूरे राज्य के करीब 700 डॉक्टरों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए ठाकरे ने उनसे राज्य में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन से हाथ मिलाने की अपील की।
ठाकरे ने कहा कि अगर पारिवारिक डॉक्टर गृह पृथकवास में रह रहे अपने मरीजों के इलाज पर नजर रखें और नियमित रूप से संबंधित नगर निकाय के वार्ड अधिकारी को सूचित करें तो उनके बेहतर इलाज की अच्छी व्यवस्था हो सकती है। उन्होंने कहा कि पारिवारिक डॉक्टर अहम भूमिका निभाते हैं। अगर वे संक्रमण के शुरुआती दौर में ही मरीज को निर्देशित करें तो यह महमारी को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो सकता है। वे लक्षणों की पहचान कर सकते हैं और यह जांच कर सकते हैं कि मरीज बिना लक्षण वाला है या उसे अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि पारिवारिक डॉक्टरों को गृह पृथकवास में रह रहे मरीजों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय से अस्पताल पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि इलाज नियमावली में एकरूपता हो।
ठाकरे ने कहा कि राज्य में ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता 1,270 मीट्रिक टन है लेकिन कोविड-19 मामलों में वृद्धि की वजह से मांग बढ़कर 1,700 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन उत्पादन में आत्मनिर्भर होने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजना बनाई गई है और जल्द ही जीवन रक्षक गैस के उत्पादन में वृद्धि महसूस की जाएगी।


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