असम में ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) के गैस कुएं में आग लगने के मामले को लेकर विपक्षी राजनितिक दल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने का आग्रह करते हुए इस हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। ग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने तिनसुकिया जिले के बगजान क्षेत्र में प्रभावित परिवारों को अंतरिम सहायता के तौर पर एक-एक लाख रुपये दिए जाने की मांग की।
असम के राज्यपाल जगदीश मुखी के जरिए प्रधानमंत्री को दिए गए ज्ञापन में कांग्रेस की राज्य इकाई ने आरोप लगाया कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया है। ज्ञापन में प्रधानमंत्री से घटना की उच्च-स्तरीय जांच करने और उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है जो इसके लिए जिम्मेदार पाए जाते हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य रिपुन बोरा ने भी ज्ञापन में मांग की कि आग से प्रभावित लोगों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए।
इसके साथ ही बोरा ने मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने मामले को बहुत ही लापरवाही से लिया जबकि गैस के रिसाव को नियंत्रित करने के लिए विशेषज्ञों को बुलाने की खातिर समय पर हस्तक्षेप करने की आवश्यकता थी। इस बीच सोनोवाल ने इस हादसे की एक अतिरिक्त मुख्य सचिव से जांच का आदेश दिया और 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा। कुएं में लगी आग की विकरालता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इसे 30 किलोमीटर की दूरी से भी देखा जा सकता है।


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