दलित नेता प्रकाश आंबेडकर ने मंगलवार को दावा किया कि महाराष्ट्र में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राकांपा के कम से कम 10 विधायक उनके वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) मोर्चे से संपर्क में हैं।
भारीपा बहुजन महासंघ के नेता ने माना कि वीबीए की सोशल इंजीनियरिंग सिर्फ औरंगाबाद लोकसभा सीट पर चली, जहां एआईएमआईएम के इम्तियाज़ जलील ने शिवसेना के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत खैरे को शिकस्त दी है। आम चुनाव से पहले गठित वीबीए में हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम पार्टी भी शामिल है।
प्रकाश आंबेडकर ने कहा, “वीबीए ने महाराष्ट्र में सोशल इंजीनियरिंग का प्रयोग किया था, लेकिन लगता है कि यह सिर्फ औरंगाबाद में काम आया।” औरंगाबाद के चुनाव परिणाम का हवाला देते हुए आम्बेडकर ने कहा कि मुसलमानों ने वीबीए को कांग्रेस के एक विकल्प के तौर पर देखना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, “मैं इस पर सात जून को विस्तार बोलूंगा।”
उन्होंने कहा कि राज्य में इस साल सितंबर अक्टूबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में वीबीए सभी 288 सीटों पर किस्मत अज़माएगा। प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि वीबीए विधानसभा चुनाव में भी अहम भूमिका निभाएगा। वीबीए ने महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के लिए सभी 48 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे।
खुद प्रकाश आंबेडकर को अकोला और सोलापुर सीटों से हार का मुंह देखना पड़ा। आंकड़ों के मुताबिक, वीबीए ने कुछ सीटों पर दलितों और मुसलमानों के वोटों को बांट दिया जिससे कांग्रेस और राकांपा के उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा।


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