अब तीन से जल त्यागेंगे आत्मबोधानंद

Summary :

सानंद की मांग को पूरा करने को लेकर 184 दिन से मातृसदन में तपस्या (अनशन) कर रहे ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने निर्जल सत्याग्रह को एक सप्ताह के लिए टाल दिया है।

हरिद्धार : गंगा की निर्मलता, अविरलता के लिए ब्रह्मलीन संत स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद की मांग को पूरा करने को लेकर 184 दिन से मातृसदन में तपस्या (अनशन) कर रहे ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने निर्जल सत्याग्रह (अनशन) को एक सप्ताह के लिए टाल दिया है। ऐसा उन्होंने नमामि गंगे के महानिदेशक राजीव रंजन के मातृसदन पहुंचकर इसके निमित्त किए गए अनुरोध पर किया। हालांकि, उन्होंने तपस्या समाप्त करने की उनकी मांग को सिरे से नकार दिया।

ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने मांग पूरी न होने पर 27 अप्रैल से निर्जल सत्याग्रह किए जाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि अब यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती तो वे तीन मई से निर्जल सत्याग्रह करेंगे। नमामि गंगे के महानिदेशक राजीव रंजन ने बताया कि उन्होंने स्वामी शिवानंद और ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से रायवाला से भोगपुर तक गंगा के पांच किमी दायरे में चल रहे स्टोन क्रशर को बंद करने और गंगा में किसी भी तरह का खनन रोकने संबंधी नमामि गंगे का आदेश प्रभावी हो गया है।

सीपीसीबी के आदेश और 24 अगस्त 2017 को दिए गए नैनीताल हाईकोर्ट के निर्देश पर रायवाला से भोगपुर तक गंगा के पांच किमी दायरे में आने वाले सभी 42 स्टोन क्रशर को प्रशासन ने बंद करा दिया था। बाद में राज्य सरकार और सीपीसीबी के अन्य आदेशों के चलते नमामि गंगे के मूल आदेश को दरकिनार कर धीरे-धीरे एक-एक कर सभी स्टोन क्रशर खुल गए। जिस पर मातृसदन लगातार आपत्ति जता रहा था।

– संजय चौहान

Desk Team