पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान होते ही सियासी पारा भी चढ़ने लगा है। बंगाल की सियासत में अपनी पैठ बिठाने के लिए बीजेपी और तीसरी बार पर सत्ता में काबिज में जुटी टीएमसी के बीच चुनावी लड़ाई तेज है। टीएमसी ने हाल में नारा दिया था ‘बांग्ला निजेर मेय के चॉय’ (बंगाल अपनी बेटी को चाहता है)।
टीएमसी के इस नारे पर चुनाव की घोषणा के अगले दिन ही बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी ने कहा कि बंगाल अपनी बेटी को चाहता है, बुआ को नहीं (बांग्ला निजेर मेय के चॉय, पिशी के नॉय)। पोस्टर में बंगाली भाषा का इस्तेमाल करते हुए ममता बनर्जी को बुआ बताया गया है।
বাংলা তার মেয়েকেই চায়, পিসিকে নয়! pic.twitter.com/rDFYzgLZTK
— BJP Bengal (@BJP4Bengal) February 27, 2021
ममता बनर्जी के रूप में टीएमसी का चेहरा आगे रहा है, मगर अब इसके जवाब में बीजेपी ने बंगाल बीजेपी की महिला नेत्रियों को आगे कर दिया है। बीजेपी की बंगाल इकाई ने अपनी 9 महिला नेताओं का ट्विटर पर एक पोस्टर जारी किया है। बीजेपी के इस पोस्टर में बीजेपी नेता देबोश्री चौधरी, लॉकेट चटर्जी, रूपा गांगुली, भारती घोष और अग्निमित्रा पॉल जैसी महिला नेत्री शामिल हैं। बीजेपी ने इन नेताओं को बंगाल की बेटी बताया है।
बंगाल चुनाव : BJP के चुनावी रथों में तोड़फोड़, पार्टी ने TMC पर लगाया आरोप
आपको बता दें कि ‘पिशी’ वह शब्द है, जिसका उपयोग ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ ‘पिशी-भायपो’ के रूप में बीजेपी करती है। पश्चिम बंगाल में 27 मार्च, एक अप्रैल, छह अप्रैल, दस अप्रैल, 17 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को चुनाव होंगे। बीजेपी और टीएमसी के बीच जारी रस्साकशी में राज्य से आए दिन हिंसा की ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में शांतिपूर्ण चुनाव करवाना प्रशासन के लिए एक चुनौती बन रहा है।


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