Bengaluru Daycare Abuse Case : कर्नाटक के एक चर्चित डे-केयर सेंटर में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में अब हैरान करने वाला मोड़ ले लिया है. जिस महिला ने इस पूरे मामले को उजागर किया था वह खुद पुलिस के रडार पर आ गई है. पुलिस ने सुजाता नाम की इस महिला को मामले में छठा आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान मिले सबूतों और पूछताछ के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. जांच एजेंसियों का दावा है कि सुजाता ने न सिर्फ दुर्व्यवहार के वीडियो वायरल किए, बल्कि उनमें से एक वीडियो खुद तैयार भी किया था, जिसमें एक बच्चे को वॉशरुम में बंद कर उसका रोते हुए वीडियो बनाया गया था.
निजी रंजिश में वीडियो बनाने का आरोप

पूछताछ के अनुसार सुजाता ने एक वीडियो खुद तैयार करने की बात कबूल की है. जानकारी है कि यह सब डे-केयर की सुपरवाइजर मंजुला के साथ सैलरी और काम को लेकर चल रहे विवाद और निजी रंजिश के कारण किया गया. इसके अलावा, छोटे बच्चों की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को शेयर करने को आधार बनाकर सुजाता को आरोपी बनाया गया है. हालांकि, इन दावों की असली सच्चाई अदालत की सुनवाई के बाद ही साफ होगी.
पुलिस जांच में सामने आया है कि सुजाता ने डे-केयर सेंटर के अन्य कर्मचारियों द्वारा बच्चों से बदसलूकी के दो और वीडियो भी रिकॉर्ड किए थे. आरोप है कि उन्होंने ये तीनों वीडियो गौतम नाम के एक शख्स को भेजे, जिसने बाद में इन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
मुख्य आरोपी सुपरवाइजर अब भी फरार

फिलहाल सुपरवाइजर मंजुला पुलिस की पकड़ से बाहर है और उसकी तलाश जारी है. इससे पहले, 2 जुलाई को मामले की पहली आरोपी आया विजयलक्ष्मी को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद 3 जुलाई को सुजाता को हिरासत में लिया गया.
पुलिस का कहना है कि मामले के हर एंगल की गहन जांच की जा रही है. तफ्तीश पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि वायरल वीडियो का कितना हिस्सा सच था और कितना जानबूझकर तैयार किया गया था.
क्या है मामला
दरअसल 1 जुलाई को बेंगलुरु की आईटी कंपनी कैपजेमिनी के एचएएल कैंपस स्थित डे-केयर सेंटर का वीडियो सामने आया था। जिसमें बच्चों को टॉयलेट में बंद कर दिया गया था. चेहरे पर जेट स्प्रे से पानी डाला गया और वॉशिंग मशीन में बिठाया गया था. मामले में पुलिस ने पहले पांच महिला केयरगिवर्स के खिलाफ केस दर्ज किया था.
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