जकार्ता, 7 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ हुई वार्ता को सार्थक करार दिया। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों में आए सकारात्मक बदलाव का उल्लेख किया।
मंगलवार को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता स्थित इस्ताना मर्देका में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ पीएम मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत-इंडोनेशिया संबंधों को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से व्यापार, मानव विकास, कृषि, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और रक्षा सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “जकार्ता के इस्ताना मर्देका में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ सार्थक चर्चा हुई। पिछले कुछ वर्षों में भारत-इंडोनेशिया संबंधों ने नई रफ्तार पकड़ी है और इसमें गहराई आई है। आज की वार्ता में व्यापार, मानव विकास, कृषि, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसे कई विषयों पर चर्चा हुई।”
उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दो प्रमुख समुद्री देशों के रूप में भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग भी बातचीत के प्रमुख विषय रहे।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक सहयोग को नई दिशा देने में यह बैठक महत्वपूर्ण साबित होगी।
राष्ट्रपति सुबियांतो के न्योते पर पीएम मोदी इंडोनेशिया के तीन दिवसीय दौरे पर सोमवार को पहुंचे। पीएम मोदी के इंडोनेशिया दौरे का मंगलवार को दूसरा दिन है। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उन्हें इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान दिया।
मंगलवार को द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम ने द्विपक्षीय समझौतों का उल्लेख किया। सबसे अहम ब्रह्मोस डील रही। भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट देगा। इंडोनेशिया ने ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल भारतीय ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री शाम को जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे और बुधवार को इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे। यह मंदिर 1000 साल से ज्यादा पुराना है।
संयुक्त वार्ता में भी प्रधानमंत्री ने मंदिर का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “बुधवार को राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ मुझे योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर के पुर्नर्निमाण प्रोजेक्ट को लॉन्च करने का सौभाग्य मिलेगा। एक हजार वर्ष से भी अधिक पुराना प्रम्बानन मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।”
–आईएएनएस
केआर/
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